1 इज़राईलीओ, मेरअ लामण शूणां ज़ुंण मंऐं थारै शोगा पिछ़ू लाअ बोली:
2 "इज़राईल देश आसा कुंआरी शोहरी ज़िहअ,
ज़ुंण धरनीं बधल़ूई, अर ऐबै निं सह कधि खल़ी उझ़णीं।
सह डाही तेसे आपणीं ज़ैगा शोटी अर तैहा खल़ै झ़ैऊंणै आल़अ निं कोह आथी।"
3 मालक बिधाता बोला इहअ,
"इज़राईले लुआदा मांझ़ै ज़हा नगरी का जुधा लै हज़ार सपाही निखल़े,
तिंयां बच़णैं जुधा बाद सिधै शौ ई!
ज़हा नगरी का शौ सपाही जुधा लै डेओए, तिन्नां मांझ़ै एछणैं जुधा का सिधै दस बच़ी।"
4 मालक बिधाता बोला इज़राईली लै,
"मुंह सेटा लै एछा, तै रहणैं तम्हैं ज़िऊंदै।
5 बेतेल बणाईं दी बेदीए पूज़ा करदै निं डेओआ,
नां गिलगाल डेओआ अर नां बेर्शेबा मुल्खा बाखा डेओआ।
अर नां गिलगाल मुल्खै पूज़ा करदै डेओआ।
गिलगाल मुल्खे लोग डेऊणैं गलामी दी अर बेतेल नगरी हणीं शुन्नीं।"
6 बिधाता बाखा फिरा, तै रहणैं तम्हैं ज़िऊंदै। ज़ै तम्हैं इहअ नांईं करे, तेऊ पल़णअ तम्हां युसुफे आद-लुआदा सज़ा दैंदअ आगी ज़िहअ चुटी। तैहा आगी करै हणअ बेतेल नगरी अर तेथ बस्सै दै सोभी लोगो बनाश। तैहा आगी निं कोह शेऊई सकदअ। 7 तम्हैं ज़ुंण नसाफ बदल़ा अर लोगा ठगी तिन्नों हक मारा, तम्हां लै हणीं आफ़त!
8 बिधाता आसा मृग नक्षत्र, कृतिका तारे छ़ुंढ बणाऐं दै।
नटिप्प न्हैरै दी करा सह प्रैश्शअ अर
धैल़ी-दपहरै करा सह घणीं राच।
समुंदरे पाणींओ बणाआं सह भाफ संघा
बरशाऊआ धरती दी सरग।
तेऊ नाअं आसा बिधाता।
9 सह पाआ बडै-बडै गहल़ा-कोटा ढोल़ी अर
तिन्नों करा सह पठी बनाश।
10 शुचअ नसाफ करनै आल़ै मणछा लै करा तम्हैं नफरत, अर शुचअ बोल़णैं आल़ै मणछा संघै डाहा तम्हैं ज़ीद। 11 तम्हैं दरल़ा गरीब मणछा, तम्हैं लुटा तिन्नां का खास्सअ नाज़। तम्हैं आसा रेशपत खाई काटुऐ पात्थरे भबन बणाऐं दै, पर तम्हां निं तेथ बस्सणअ भेटणअ! तम्हैं आसा दाखे शोभलै बाग लाऐ दै, पर तम्हां निं तेतो रस झुटणअ भेटणअ। 12 मुखा आसा थोघ कि तम्हैं किऐ खास्सै अर घोर पाप। तम्हैं दैआ धर्मीं मणछा लै दुख, तिन्नां का खाआ तम्हैं रेशपत। दालता दी निं तम्हैं गरीब मणछो नसाफ ई हणैं दैंदै! 13 अक्ली आल़अ मणछ रहा तैहा घल़ी च़ुप्पी किल्हैकि अह आसा बूरअ बगत!
14 भलअ करा अर बूरै करनै का ठुर्हा दूर, ताकि तम्हैं ज़िऊंदै रहे! तै रहणअ स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता असली दी तम्हां संघै, ज़िहअ तम्हैं बोला कि सह आसा तम्हां संघै। 15 बूरअ करनै का करा नफरत, भलअ करना लै झ़ूरा। लोगो नसाफ करा धर्म अर मानदारी करै। तै झ़ाणीं स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता तिन्नां लोगा लै झींण करे ज़ुंण युसुफे आद-लुआदा मांझ़ै अज़ी बच़ै दै आसा।
16 स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता बोला इहअ,
"हर बाता अर च़फै दी हणैं ज़ोरै-ज़ोरै ढाहा लांदै लागै दै,
तिन्नां डाहणैं कृषाण बी मज़दूरी दैई आप्पू संघै लेरा लांदै लाई,
तिन्नां आणनैं शोगा लै लामण बोल्दै घैरी।
17 दाखे सोभी बागा दी हणैं सोभ लेरा लांदै लागै दै,
किल्हैकि मुंह दैणीं तिन्नां बाती फेरी संघा करनअ तिन्नां बनाश।
अह गल्ल डाही मंऐं बिधाता बोली।"
18 तम्हां लै आसा आफ़त! ज़ुंण तम्हैं बिधाते धैल़ी न्हैल़ै आसा लागै दै!
तैहा धैल़ी थारअ किज़ै भलअ हणअ?
तैहा धैल़ी हणअ तम्हां लै नटिप्प न्हैरअ नां कि प्रैश्शअ!
19 तैहा धैल़ी हणैं तम्हैं इहै मणछा ज़िहै
ज़ुंण सिहा सेटा का ठुर्हा अर आजू भेटा तेऊ भाल्लू!
कि इहै मणछा ज़िहै ज़ुंण आपणैं घअरै पुजी भित्ती दी हाथ लाआ
अर तेथ दैआ तेऊ लै सर्प चटाक!
20 बिधाते धैल़ी हणअ न्हैरअ, तेथ निं प्रैश्शअ हणअ,
सह हणअ इहअ नटिप्प न्हैरअ कि तेथ निं ज़ाथी किछ़ प्रैश्शअ हणअ।
21 बिधाता बोला इहअ,
"थारै तिह-थैरा का आसा मुंह नफरत, थारै झाल़ै करै रुंझ़ुअ हुंह!
22 थारै हूम अर नाज़ बल़ी करै निं हुंह खुश हंदअ।
थारै मेल़-ज़ोल़ा लै पशूए बल़ीदाने च़र्बी निं हुंह मंदअ आथी।
23 मुल्है गिहा लाणीं करा बंद, मुंह निं थारै कतारै बाज़णें धुन शुणनी।
24 पर हुंह च़ाहा कि नसाफ लोल़ी गाडा ज़िहअ बगअ,
धर्म लोल़ी बडै दरैऊआ ज़िहअ बगअ ज़ुंण कधि निं शुक्कदअ।
25 इज़राईलीओ, थारै दाद-बाब नढैऊऐ मंऐं च़ाल़्ही साला उज़र रेगीस्तानै,
तिन्नां तेतरी साला निं मंऐं तिन्नां का पशू बल़ी अर नाज़ बल़ी मांगी!
26 पर तम्हैं किई सक्कूत देअए च़ाकरी ज़ुंण थारअ राज़अ देअ आसा,
अर तम्हैं किई थारै तारै किबान देअए मुहुर्तीए पूज़ा।
तम्हां लागणीं ईंयां मुहुर्ती तेभै आप्पू संघै बुल़्हणी
27 ज़ेभै मुंह तम्हैं दमिश्क नगरी पार गलामी दी छ़ाडणैं।
अह गल्ल डाही मंऐं बिधाता बोली ज़ुंण स्वर्गे सारी सैनो मालक आसा।"