1 ईंयां सैणीं गल्ला आसा जाकेहे शोहरू आगूरै खोज़ी दी।
आगूरै बोलअ इतीएल अर उकाल़ा का इहअ,
2 "हुंह आसा मणछा मांझ़ै डागै ज़िहअ,
अर मुंह निं मणछा ज़ेही सोर समझ़ ई आथी।
3 मुखा नां अक्ल आथी अर
नां मुखा परम पबित्र बिधाते बारै ज्ञैन आथी!
4 स्वर्गा लै उखल़ी उंधै कुंण होथअ?
बागरी कुंणी आसा आपणीं मुठी दी ढाकी डाही दी?
समुंदरो पाणीं कुंणी आसा शाट्टै दी झाल़ी डाहअ द?
अह एतरी बडी पृथूई कुंणी आसा बणाईं दी? तेऊ नाअं किज़ै आसा अर
तेऊओ शोहरू कुंण आसा?
ज़ै ताखा थोघ आसा, तै खोज़ा मुखा बी!
5 परमेशरै ज़ुंण ज़बान दैनी, सह करा तैहा पूरी,
ज़ुंण तेऊए शरण लआ सह करा तेऊए ढाल़ बणी करै फाज़त।
6 ज़ै तम्हैं तेऊए गल्ला छ़ाडी किज़ै होर खोज़े ज़ुंण तेऊ नां आथी बोली दी,
तेऊ नैरनअ तम्हैं तेभी अर तेखअ हणीं अह गल्ला प्रगट कि तम्हैं आसा शल़ैघी।
7 हे बिधाता, मेरी आसा ताखा एही अरज़ कि
तूह लअ मेरै मरनै का आजी मुल्है दूई बअर दैई।
8 हुंह लोल़ी पठी मानदार हुअ,
नां मुंह खास्सअ सेठ बणाईं अर नां खास्सअ गरीब।
मेरी लोल़ी सिधी हर धैल़ै ज़रुरत पूरी हुई।
9 इहअ निं हआ कि हुंह रज्ज़ी करै ताह बिस्सरी पाए,
अर इहअ बी निं लोल़ी हुअ कि मुंह दाल़ज पल़े अर मेरै भलै किधी च़ोरी होए अर ताह बिधाते नाओंआं दी दाग लागे!"
10 ज़ुंण दास होए, तेऊए बारै निं तेऊए मालका का घैंचल़ करनै,
इहअ निं हआ कि सह तम्हां लै फिटक दैए अर तम्हां बिधाता का सज़ा भेटे।
11 कई मणछ हआ इहै बी ज़ुंण आपणैं बाबा लै फिटक दैआ
अर नां आपणीं ईजो शूकर करदै!
12 इहै मणछ सोठा आप्पू लै इहअ कि तिंयां आसा आप्पू बाखा शुचै
पर तिन्नां दी आसा इहअ दाग ज़ुंण कधि निं धोअ!
13 एकी पोस्तीए मणछ आसा इहै शरेरै, तिंयां सोठा इहअ कि तिंयां ई आसा भलै,
तिंयां सोठा कि तिंयां भाल़ किहै भलै निं आथी!
14 तिन्नें दांद आसा तलबारा ज़िहै,
तिन्नें दाल़्हा आसा छ़ूरी ज़ेही!
तिंयां च़ाहा धरती का गरीब अर
खरी दी पल़ै दै लोगा होरी मणछा जैंदरा का खतम करनअ।
15 ज़ोके हआ दूई शोहरी, तिंयां बोला, "होर दै होर दै!"
तेही ई आसा चअन च़िज़ा ज़ुंण कधि निं रज़दी।
एही च़िज़ा आसा च़ार पै
ज़ुंण कधि निं बोल्दी कि हुअ।
16 जम्पर अर बांढी बेटल़ीओ ओदर,
शुक्की धरती लै पाणीं
अर आग निं कधि बोल्दी
कि ऐबै हुअ।
17 ज़ुंण आपणैं बाबो सुहांग करा अर
बुढल़दा आपणीं ईजे कदर निं करदअ,
इहअ मणछ च़ोच़ल़णअ काअ-गरली अर
तेऊए आछी खरोप्पणी मुक्षरलै।
18 चअन च़िज़ा आसा बेघै कठण,
एही आसा ईंयां च़ार गल्ला पै ज़ुंण मेरी समझ़ा का बागै आसा:
19 सरगै डैअ दैंदै मुक्षरले बात,
दानुईंओ टोल्हा प्रैंदै हांढणअ,
समुंदरे पाणीं दी ज़हाज़े बात लोल़णी अर
मर्धा बेटल़ीओ एकी-दुजै लै झ़ूरनअ!
20 च़ोरठू बेटल़ी बी हआ एही ई,
सह एछा होरी मर्धा संघै सुत्ती न्हैऊई-धोऊई संघा बोला इहअ,
"मंऐं निं किछ़ै कबध किअ!"
21 चिई गल्ला करै लागा धरती काम्मणीं,
पर एही आसा च़ार पै ज़ुंण ज़ेता ज़िरी निं सकदी,
22 गलाम मणछ राज़अ बणनअ
अर ऐडै मणछो पेट रज़णअ।
23 कंज़री बेटल़ीओ बैह करनअ अर
गलाम डाही दी बेटल़ीओ आपणीं मालके ज़ैगा बेशणअ।
24 पृथूई दी आसा च़ार होछ़ै ज़ीब पर तिंयां आसा बेघै अक्ली आल़ै:
25 चिटा हआ बेघै होछ़ी पर
तिंयां रहा खरै दपहरै नाज़ा झाल़दी लागी।
26 टाहरू मुश्शअ एही ता आसा होछ़अ ज़िहअ,
पर सह बणाआं शाफल़ा जैंदरी आप्पू लै मशेहर।
27 रैट्टैओ निं कोहै राज़अ हंदअ,
पर तज़ी बी हांढा तिंयां एकी छ़ुंढा दी।
28 छ़बाल़ ढाकणीं हआ सान,
पर तज़ी बी रहा तिंयां राज़े मैहलै।
29 चअन ज़ीब आसा बेघै बित्तै,
एही आसा च़ार पै, तिन्नां हांढदै भाल़णेंओ लागा च़ाअ,
30 सिह ज़ुंण सोभी ज़ीबा का बलबान,
सह निं कोही का डरदअ।
31 मुर्गी आजू मुंडकी खल़ी करी हांढदअ मुर्गअ, अर बाकरी आजू बाकरअ
अर आपणीं परज़ा जैंदरी राज़अ।
32 ज़ै तम्हैं एही ऐडी गल्ल किई कि तम्हैं लागै आप्पू सराहंदै आप्पै,
ज़ै तम्हैं किज़ै बूरी तरकीब बणाईं,
तै खल़्हणअ तिधी संघा लणअ बच़ार करी।
33 किल्हैकि ज़िहअ दैंहीं छ़ाल्ली करै घिऊ अर
नाक मरोक्की करै नाथण निखल़ा,
तेही सका थारै कबल्लै रोश्शा करै आफ़त खल़ी हई।