1 ईंयां राज़ै लमूएलै खोज़ी दी खास सैणीं गल्ला ज़ुंण तेऊ आपणीं ईजा का थिई शिखल़ी दी।
2 ए मेरै लान्हैंआ, तूह आसा मेरै मानत मनी हुअ द,
हुंह ताल्है किज़ै बोलूं?
3 आपणअ बल निं बेटल़ी दी पठी खतम करी।
एही बेटल़ी किऐ राज़ै बी बरैबाद।
4 लमूएल, शुण, राज़ै निं खास्सअ दाखो रस अर
शराब झुटणअ शोभदअ।
5 इहअ निं हआ कि तूह शराब झुटी बधान बिस्सरी पाए
अर तूह रैनै गरीबो हक मारे।
6 शराब दैणअ तिन्नां लै ज़ुंण मरी आसा च़ाल्लै दै
अर दाखो रस दैणअ तिन्नां लै ज़ुंण दुखी आसा।
7 ताकि तिंयां तेता झुटी करै
आपणअ दुख-दल़िदर बिस्सरीए।
8 ज़ुंण आपणैं बारै किछ़ै निं खोज़ी सकदै, तिन्नां बाखा करनी तंऐं गल्ला,
अर छ़ुटै-मुक्कै दै लान्हैं लै दैणअ तिन्नों हक।
9 तंऐं करनी तिन्नें मखबरी अर धर्मीं पांच़ी,
दुखी-दल़िदरे हके फाज़त करनी तंऐं आप्पै।
10 भली बेटल़ी भेटणीं हआ खास्सी कठण,
सह हआ हीरै-मोती का बी किम्मती।
11 तेसे मर्धा बी हआ तैहा दी भरोस्सअ अर
तेऊ निं कधि गरीबी पल़दी।
12 तेसो बभार हआ आपणीं ज़िऊंदी ज़िता भलअ ई
अर सह निं कधि तेऊ लै दुख दैंदी।
13 सह लोल़ा ऊन अर शल़ूई
संघा रहा खुशी-खुशी तेते मांदरी बूणदी लागी।
14 आपणैं घअरे खाणैं-पिणें च़िज़ा आणा सह दूर देशा का
बपारीए समुंदरे ज़हाज़ा ज़िहअ।
15 सह जाआ दोत्ती न्हैर-प्रैश्शै उझ़ुई नुहारी बणाईं
संघा हेरा आपणीं दासी कामां-काज़ा लै छ़ाडी।
16 सह भाल़ा खेच संघा लआ तेऊ मोलै,
तेखअ लाआ तेथ सह दाखो बाग।
17 सह करा खास्सी मैन्थ अर
सह झ़ूरा आपणैं ज़ाहणै खटणा लै।
18 सह हेरा ज़ाणीं कि तेसे कामां करै हणअ नफअ
अर सह रहा आधा राची तैणीं कामां लागी।
19 सह कात्ता ताकल़ी दी ऊन आप्पै
संघा बणाआं च़रखै दी ठेर्ही आप्पू लै आप्पै झिकल़ै।
20 रैनै-गरीबा लै बी दैआ सह
खुल्है दिलै।
21 तैहा निं हिंऊंद भराल़ो हैल़अ-फिकर हंदअ
तेसे घअरै हआ सोभी का नैत्तै झिकल़ै।
22 सह बणाआं आपणीं शरैहणीं अर
आप्पू बान्हां सह बैंज़णीं रांगे बाछे झिकल़ै।
23 तेसे मर्धे मशूरी हआ सारी नगरी अर
सह बेठा त सैणैं संघै सभा दी, तिंयां सोभै करा तेऊए इज़त।
24 सह बूणा बाछे झिकल़ै
अर गल़बंध, संघा बेच़ा तिन्नां बपारी का।
25 तैहा का हआ बल अर सोभै करा तेसे इज़त,
नां तैहा काल्ला धैल़ीओ हैल़अ-फिकर हंदअ।
26 सह करा अक्लीए गल्ला अर
नैरा समझ़ाऊआ बी सह मज़ै करै।
27 सह रहा आपणैं टबरे हेर-सभाल़ा लागी अर
नां तैहा कामां लै ज़ैंईं लागदी।
28 तेसे शोहरू करा तेसे खास्सी सर्राफी
अर तेसो मर्ध करा तेसे इहअ बोली सर्राफी,
29 "होर बेटल़ी बी आसा राम्बल़ी
पर तेरै मकाबलै निं कोहै आथी।"
30 शोभा हआ झ़ुठी अर हेरनी बित्ती बी निं सदा रहंदी,
पर ज़ुंण बेटल़ी बिधाते डरा हेठे रहा, तेसे हणीं सर्राफी।
31 ज़ुंण तैहा काम किअ, तेतो फल लोल़ी तैहा भेटअ।
सह आसा एता जोगी कि सोभै तेसे सर्राफी करे।