1 इधी आसा राज़ै सुलैमानै खोज़ी दी होर बी सैणीं गल्ला, इना गल्ले नकल किई ती यहूदा मुल्खे बज़ीरै हिजकिया।
2 परमेशरो अदर हआ तेऊए गुप्त गल्ला करै,
पर राज़े ज़ै-ज़ैकार हआ तै, ज़ै तेऊ गुप्त गल्लो थोघ लाअ।
3 राज़े मन्नों थोघ निं कोही का हंदअ, तेऊए सोठ हआ म्हारी समझ़ा का बागै,
ज़िहअ सरगो च़ूल़ अर समुंदरो थह कोही निं लोल़अ।
4 किम्मती च़ीज़ बणाणैं का आजी लागा
सनारा च़ंदी धोई लणी।
5 ज़ै राज़ै सेटा का बूरी सलाह खोज़णैं आल़ै बज़ीर दूर होए,
तै हआ तेऊओ राज़ धर्मीं।
6 ज़ेभै तम्हैं राज़ै सेटा खल़ै होए,
तेऊ सेटा निं आपणीं शमाकी करी कि तम्हैं केतरै खास आसा!
7 भलअ हणअ इहअ कि सह आप्पै तम्हां शादे अर इज़ती करै बडी ज़ैगा बशैल़े,
आप्पै आजू बेशी ज़ै तैहा ज़ैगा कहा ताखा बी ज़ादै खास मणछा लै दैए।
सह हणीं बेइज़ती आल़ी गल्ल।
8 झ़गल़ै लै निं धखी का दाऊअ-दालत करनअ,
इहअ निं हआ कि बादा का होर शाजत शुची गल्ल खोज़े
अर पल़णअ तेखअ शर्मिंदै हणअ।
9 ज़ै तम्हां साथी-संघी मांझ़ै दूई रंगे बच़ार बी किल्है निं होए,
तिन्नां गल्लो भेद निं पराऐ मणछा का खोज़ी।
10 इहअ करै बोल़णअ तम्हां लै होरी बी कि तम्हैं आसा धोही
अर थारी निं आपणीं बी निं लोगा जैंदरी किछ़ै इज़त हणीं।
11 ठीक बगती राम्बल़ी सलाह हआ
च़ंदीए थाल़ा दी सुन्नें सेओआ ज़िहै।
12 सैणैं मणछे राम्बल़ी सलाह मनणी हआ
सुन्नें बाल़ू का बी किम्मती।
13 ज़ै समादा पजैल़णैं आल़अ शुचअ-पाक्कअ हुअ,
सह हआ ज़ेठै-शाहल़ै ठांढै पाणीं ज़िहअ।
14 ज़ुंण मणछ किज़ू च़िज़ा दैणें ज़बान दैई नांईं दैंदअ,
सह मणछ हआ एही बागरी अर बादल़ा ज़िहअ ज़ेता का सरग निं हंदअ।
15 सबर डाही सका रोक्कै हटी,
तिहअ करै सका राज़ै-बज़ीरा बी मनैऊंईं।
16 ज़ै मखीर बी साबा का बाधू खाअ,
तेता करै सका तम्हैं बमार हई।
17 आपणैं साथी-संघीए घअरै बी निं धैल़ डेऊणअ,
खिरी हिछ़िआ तिंयां बी संघा लागा टवारधै।
18 होरीए बारै झ़ुठी शाजत दैणीं हआ
तेऊ पिछ़ू तलबार पाई ठुहर्नअ,
मुंडै घणैं बाहणीं अर
तिछै कतीरा खबेऊणैं ज़िहअ।
19 ज़हा साथी दी भरोस्सअ निं हंदअ,
सह हआ खरीए पलका चुटै दै दांदा अर घर्मोस्सुऐ दै खूरा ज़िहअ!
20 दुखी मणछा सेटा गिह बोल़णीं हआ
भाज़ी दी मिल्ली छ़ाही पाणीं अर
हिंऊंदै कुंण मणछ नांगै करनै ज़िहअ।
21 ज़ै थारअ दुशमण बी भुखअ होए, तेऊ का लऐ रोटी खैऊई,
ज़ै सह नचिशअ होए, तेऊ का लणअ पाणीं पणैऊंईं।
22 किल्हैकि थारअ इहअ नरम बभार हणअ तिन्नें मुंडै आगीए नारा पाणै ज़िहअ अर
बिधाता बी हेरनअ तम्हां लै तेतो फल दैई।
23 घैंचल़ करनै आल़ै मणछे मुंह घोर्हिआ रोश्शा करै
ज़ोता बाखा एछदी बागरी ज़िहअ ज़ेता करै सरग हआ।
24 कबल्ली झ़घल़दी बेटल़ी संघै बडै घअरा भितरी रहणैं का आसा
काशे कशूहल़ी दी रहणअ बित्तअ।
25 दूरा का आअ द खुशी दैणैं आल़अ समाद हआ
नचिशै लै ठांढै पाणीं ज़िहअ।
26 धर्मीं मणछो कदुष्टे ज़ाणैं लागणअ हआ खादल़ी गाडा
अर कल़ुऐ पाणींए कुहै ज़िहअ।
27 ज़िहअ खास्सअ मखीर खाणअ ठीक निं हंदअ,
तेही हआ आपणीं बड़ैई आप्पै करनी।
28 ज़ै तम्हैं आपणअ रोश्श काबू निं करी सकदै,
तै आसा तम्हैं एही नगरी ज़िहै ज़ेता फेरे दुआल ढूल़ी दी
अर ज़ेथ कज़ेभल़ी दुशमण सका भितरी पेशी।