भगवान नी आत्मा अने वीटळ्ळी आत्मा
1 ए मोंगाळ्ळा भायु, आखी आत्मा पोर भरहो ना करो: पण आखी आत्मा ने पारखो, के तीहयी भगवान ने तां गेथी से के नी हय; काहाके ढेरेत झुटा भगवान वगे गेथी वात केण्या माणहु कळी मे नीकळ पड़ला से।
1 ए मोंगाळ्ळा भायु, आखी आत्मा पोर भरहो ना करो: पण आखी आत्मा ने पारखो, के तीहयी भगवान ने तां गेथी से के नी हय; काहाके ढेरेत झुटा भगवान वगे गेथी वात केण्या माणहु कळी मे नीकळ पड़ला से।