1 ए लाड्या, तमु बी आह़फाम ना लाडा ना हक मे रेवो आनीन करते के कदी आमनी मे गेथो कानो एवो हय जे भगवान ना बोलु ने नी मान्तो हय, 2 ते बी, तमारी बीक भेळ चोखली चाल-चलण देखीन भगवान ना बोल वगर आह़फा-आह़फाम नी लाडी नी चाल-चलण नी लारे मानवा बाज जहे। 3 अने तमारो बड़ाय रीकामो नी हय, मतलब नीम्बाळा गुथवा, अने ह़ोना नु वजन, नीता भात-भाती ना लुगड़ा पेरवा। 4 पण तमारो बड़ाय तमारा मन मे हयवा जोवे, जे बड़ाय सुक-सांती ना वेहवार ना लारे उजन्तो हये, तीनी लारे तमु जलम घटाळा रेहु। भगवान नी नींगा मे आसवो वेहवार नो बड़ाय घणो मोगो से। 5 पेल्ना वारा ना भक्ती करन्या, जे भगवान पोर आह राखे, तीहया बी आहयीत रीते ह़ींगार करे अने आह़फा-आह़फा ना धणी ना हक मे रेय। 6 जीसम सारा आह़फा ना धणी अब्राहम ना हुकम मान्ती हती अने तीने मालीक केती हती। तीनीत रीते तमु बी कदी भलाय करहु अने कंय भात्याण बीक सी तमु बीहो नी, ता तीनी बेट्या मनाहु।
7 तीसमेत ए लाडा, तमु बी अक्कल सी लाड्या नी ह़ाते जीवाय जीवो, अने बयरा ने कमजोर ठाहरु जाणीन तीनी ईज्जत करो, आहयु ह़मजीन के आमु बेम जणा जीवाय ना वाटा ना हकदार्या से जीनी सी तमारी वीन्ती रोकाय नी जाय।
8 करीन मे तमने आहयु की र्यो के तमु आखा एक-मन्या रेवो, अने एक-बीजा नी फीकर करो; अने भोळा अने दयाळा बणीन आंबा-सांबा भाय-बेन्या ना मोंग ने तेम मोंग करता रेवो। 9 कुहराय्न बदले कुहराय ना करो; गाळ ना बदले गाळ ना देवो; पण उल्टा तीमने बरकत आपो: काहाके तमु बरकत ना हकदार्या बणवा करीन बोलावला से। 10 काहाके सास्तर मे बी लीखलु से,
"जे कोय जीवाय नी हेर करे,
अने वारला दाड़ा देखवा हींडे,
तीहयो आह़फा नी जीप ने बुराय सी,
अने आह़फा ना होट्या ने झुटी वात सी बचाड़ीन राखो।
11 कुहराय नी ह़ात सोड़ अने भलाय कर;
तीहयो सुक-सांती ने ह़ोदे अने तीने लेदे कोसीत कर।
12 काहाके भगवान ना डोळा धरमी माणहु पोर लागला रेय,
अने तीना कान्टा तीमनी वीन्ती ह़मळता रेय,
पण मालीक कुहर्या माणहु सी आडो भाळ लेय।"
13 कदी तमु भलाय करवा मे उतवाळ्या रेहु, ता कोय तमारी कुहराय करहे? 14 कदी तमु धरम ना लेदे दुख बी झेलो, ता तमु जुगाळा से पण माणहुन बीहाड़वा सी ना बीहो, अने ना घबरावो। 15 पण मसी ने मालीक जाणीन आपणा-आपणा मन मे चोखला ह़मजो। जे कोय तमने तमारी आह ना बारा मे पुछे, तीने जपाप आपवा नीचळाय अने ईज्जत नी ह़ाते सदा तीयार रेवो। 16 अने मन चोखलु राखो, आनीन करते के जे वात ना बारा मे तमारी बुराय हयती हय, तीना बारा मे जे मसी मे तमारी वारली चाल-चलण ने बुराय करवा वाळा लाजे पड़ जहे। 17 काहाके कदी भगवान नी आहयी हेर हय के तमु भलाय करवा सी दुख झेलो, ता आहयु बुराय करवा सी दुख झेलवा वारु से। 18 आनीन करते मसी बी वण-धरमी माणहु ना पाप ना करते दुख झेल्यो, काहाके आपणु ने भगवान ने तां लीजवा करीन डील ना रुप मे ते मार्या पण आत्मा ना रुप मे जीवाड़्या। 19 तीनी मे तीहयो जाय्न आत्मा ने बी खुस-खबर नु परच्यार कर्यो। 20 तीहया जे वीतली टेम मे हुकम नी मान्या, जत्यार भगवान नुहा ना दाड़ा मे धीरज राख रेलो, अने तीहयो ढुंड्यु बणाय र्यो हतो, तीनी मे बहीन पाणी सी आंठ माणहु बच जेला। 21 तीहयु बपतीस्मान तेवु से, जे ईसु मसी ने जीव उठवा ना लारे, हाव तमने बचाड़े, आनी सी डील नो मोळ सेटो करवा नो मतलब नी हय, पण चोखला मन सी भगवान ना हक मे हय जवा नो मतलब से। 22 तीहयो ह़रग मे जाय्न भगवान नी जमणी धेड़े बह ज्यो; अने ह़रगदुतु ने अने ह़रगे ना अदीकार्या ने अने सक्ती ने तीना हक मे कर देदो।