बदल्ली जीवाय
1 आनीन करते के मसी डील मे हय्न दुख झेल्यो ता तमु बी तीहयी हेर ने हत्यार ने तेम धर लेवो, काहाके जे डील मे दुख झेल्यो तीहयो पाप सी छुट ज्यो। 2 काहाके तमारी रेली जीवाय, डील नी लालच ना लारे नी पण भगवान नी मरजीन अनसारे जीव्वा जोवे। 3 काहाके जे वात आड़जात्या करवा चाहता हता, अने लुच्चाय नी बुरी लालच, खोड़ला काम करवा, छीनाळु, छाकीन लथ-पथ रेवा, अने मुर्ती पुजा करवा मे उदड़ेत टेम गमाया एतरुत घणु। 4 आनी सी तीहया वहराय करे के तमु एवा भारी लुच्चाय मे तीमनो सात नी देता, अने आनीन करते तीहया तमारु नामबद्दी करे। 5 पण तीहया तीने जे जीवत्ला अने मरला नो नीयाव करवा तीयार से तीने लेखो आपवा पड़हे।