लंगड़ा भीकारी नु आरगो हयणु
1 पतरस अने युहन्नो मांजणीक टेमे, वीन्ती करवा उप्पर मंदीर मे जवा बाज र्या हता। 2 अने तीहयी टेमे माणहु एक माणेह ने लीजवा बाज र्या हता, तीहयो पयदावारी सी लंगड़ो हतो। तीहया तीने दाड़ीन लावीन मंदीर ना घटाळु नाम ना झापला पोर बहाड़ देत्ला। अने तीहयो मंदीर मे जवा वाळा पांह भीक मांग्या करतो हतो। 3 जत्यार तीहयो पतरस अने युहन्ना ने मंदीर मे जत्ला देख्यो, ता तीमनी पांह भीक मांग्यो। 4 पतरस अने युहन्नो तीनी भणी एकडीट्यो भाळ्या अने पतरस केदो, "अमारी भणी भाळ!" 5 अने तीहयो कंय जड़हे करीन तीमनी भणी एकडीट्यु भाळ्यो। 6 जत्यार पतरस केदो, "मारी पांह नी ते चांदी हय, अने नी ते ह़ोनु हय, बाखीन जे मारी पांह से, तीहयु तने आपु ईसु मसी नासरी ना नाम सी चाल-फीर।" 7 अने पतरस तीनो जमणो हात धरीन तीने उठाड़्यो, अने तेतरीत घड़ी लंगड़ा ना पोग मे अने मांडा मे जोर आय ज्यो। 8 तीहयो उछळीन उबो हय ज्यो अने चालवा-फीरवा बाज ज्यो। अने भगवान ना गुण गावतो जाय्न तीमनी ह़ाते मंदीर मे जत र्यो। 9 आखा माणहु तीने चालतो-फीरतो अने भगवान ना गुण गावत्लो देख्या। 10 अने माणहु तीने ओळखीन केदा, "आहयो ते तीहयोन-तीहयो से, जे मंदीर ना घटाळा झापला पोर भीक मांग्या करत्लो।" तीहया लंगड़ा ह़ाते जे कंय बी हयु तीने देखीन तीहया वहराय जता हता।