ईसु खुस हये
21 तीहयीत टेमे ईसु चोखली आत्मा नी लारे घण-जबर खुस हय ज्यो, अने केदो, "ए बाह! ह़रग अने धरती ना मालीक! मे तारा नाम ना गुण गावु, काहाके तु आहयी आखी वात ने अक्कल वाळा नी अने ह़मजदारी वाळा नी नींगा अगळ गेथी ह़ताड़ीन राख्यो अने नीस्ता वण-अकल्या सोरा अगळ उजन्ती कर्यो: होव, ए बाह! तने आहयुत गम्यु।