36 "राजा अपनी इच्छा से काम करैगो, बौ अपने आप कै सब देवतन से ऊँचो उठागो और बड़ो करैगो, और देवतन के परमेस्वर के विरोध मैं अनसुनी बात कहगो।" गुस्सा को समय पूरो होन तक बौ सफल रहगो, काहैकि जो ठान लौ गौ है बौ पूरो होने ही है। 37 प्रभु अपने पुर्खन के देवतन की परवाह भी ना करैगो और न बईंय्यरन के प्रिय देवतन की। और न कोई भी देवता की परवाह करैगो, काहैकि बौ समझ मैं खुदकै सब देवतन से ऊपर बड़ो ठहरागो। 38 काहैकि, बौ किलन की रक्छा करन बारे देवता को आदर करैगो। बौ देवता को सोनो, चाँदी, जवाहरात और दुसरे उपहार चढ़ागो जोकी बाके पुरखा कभी अराधना नाय करीं रहैं। 39 अपने किलन की रक्छा के ताहीं, बौ बे लोगन को इस्तमाल करैगो जो एक विदेसी देवतन की अराधना करथैं। और बे लोगन को बड़ा आदर करैगो जो बाकै सासक के तराहनी मानथैं, बौ उन्हैं बड़े पद मैं बैठारैगो, और उनकै ईनाम के रुप मैं जमीन भी देगो।
40 "जब सीरिया के राजा को आखरी समय लगभग आए जागो, तौ मिस्र को राजा बामैं लड़ाई करैगो, और सीरिया को राजा रथ, घोड़न और निरे जहाजन को इस्तमाल करकै अपनी सब सक्ति से हमला करैगो। बौ बाढ़ के पानी के जैसी सब देसन मैं बहे जागो। 41 बौ वादा करे गै सुगड़ देस मैं भी हमला करैगो, और हजारौं लोगन कै मार डारैगो, लेकिन एदोम, मोआब और अम्मोन देस बाके हाथ से बच जांगे। 42 जब बौ बे सब देसन मैं हात बढ़ाबै गो, तौ मिस्र भी नाय बचैगो। 43 बौ मिस्र देस को सोनो, चाँदी और का लुको भौ खजाना को मालिक बन जाएगो। बौ लीबिया और इथियोपिया मैं जीत हाँसिल करैगो। और बे लोग बाके पिच्छू ही जामंगे। 44 लेकिन अगार और सीरे दिसा के समाचार बाकै घबड़बाए देमंगे, और बौ बड़े गुस्सा मैं बहोतन कै नस्ट करन के ताहीं निकर पड़ैगो। 45 बौ समुद्र और बौ पहाड़ के बीच जो मैं मंदिर खड़ो है, अपनो गजब बड़ो साही तम्बू भी खड़ो करैगो। फिर बौ मर जागो, और बाकी मदत करन बारो कोई नाय होगो।"