1 राजा नबूकदनेस्सर संसार के सब देसन की जातियन और सब भासा के बोलनबारे लोग जो पृथ्वी मैं रहथैं बे सबन कै अलग अलग संदेस भेजी:
"सुभकामना! 2 परमेस्वर मोकै जो आस्चार्य के काम और चमत्कार दिखाई है, उनकी और मेरी बात प्रकट करनो चाहथौं।"
3 "परमेस्वर हमैं कितने महान चमत्कार दिखाथै!
बौ जो चमत्कार करथै बे कित्तो सक्तिसाली है!
परमेस्वर हमेसा राजा है; बौ हमेसा राज्य करैगो।"
4 "मैं नबूकदनेस्सर अपने भवन मैं चैन से और अपने महल मैं खुसी से रहत रहौं।" 5 मैं एसो सपनो देखो जोके कारड़ मैं डराए गौ; और खटिया मैं लेटो-लेटो जौ बिचार मेरे मन मैं आओ और जौ बात मैं देखो, उनके कारड़ मैं घबराए गौ। 6 मैं बेबीलोन के सब अच्छे ग्यानी लोग कै मेरे झोने लान को आदेस दई कि बता मैं मेरे सपनो को का मतलब है। 7 तौ राजा कही मैं सब भविस्यवक्ता, जादूगरन, पुजारी और ज्योतिसियन कै बुलाओ गौ, और मैं उनकै सपनो बताओ, तौ बे मोकै मतलब नाय बताए पाईं। 8 फिर दानिय्येल भीतर आओ। बाके मेरे परमेस्वर के नाओं से बेलतसस्सर भी कहो जाथै। पवित्र देवता की आत्मा बामैं है, फिर मैं बाकै बताओ कि मैं कौन सो सपनो देखो रहौं। मैं बासे कहो: 9 बेलतसस्सर, ज्योतिसियन को मुखिया, मैं जानथौं कि पवित्र परमेस्वर की आत्मा तेरे मैं है और तू सब रहस्य कै जानथै। जौ मेरो सपनो है मोकै बताबौ कि जाको का मतलब है?
10 "जब मैं सोत रहौं तौ मैं एक दर्सन देखो, कि मोकै धरती के बीच मैं एक बड़ो पेंड़ दिखाई दई बाकी लम्बाई भौत जाधे रहै। 11 जौ तब तक बड़ो और बड़ो होत गौ और बाकी ऊँचाई स्वर्ग तक ही गई। और बौ पृथ्वी की छोर तक दिखाई देन लगो। 12 बाके पत्ता अच्छे रहैं, और बौ फल से लदो पड़ो रहै। जौ पूरो संसार कै खान ताहीं भरपूर रहै। जंगली जानवर बाकी छाईं मैं आराम करत रहैं, पक्छी बाकी हंगईय्या और घोसलन कै बनात रहैं, और सब तराहनी के जिन्दे प्राँड़ी बाके फल खात रहैं।"
13 "मैं पलंग मैं दर्सन के समय का देखो की एक पवित्र स्वर्गदूत स्वर्ग से उतर आओ है।" 14 बौ ऊँचे सब्द से चिल्लाए कै कही, जौ पेंड़ कै काट डारौ, और बाकी हंगईय्यन कै काट डारौ; और बाके पत्तन कै तोड़ देबौ और बाके फल बिखेर देबौ। जानवरन कै बाके नीचे से हट जा मैं और पक्छी बाकी हंगईय्यन से उड़ जा मैं। 15 फिर ठुड्डी को लोहो और पीतर की पत्ती से मोड़ कै जमीन मैं छोड़ दई। जाकै बहै घाँस बारे मैंदान मैं छोड़ देबौ।
"अब जौ आदमी मैं ओस गिरै, और जे जानवरन और पौधन के संग रहन दे।" 16 सात साल तक बाको मन आदमी को नाय रहै, जानवर को मन रहै। 17 "जे चौकन्ने और चौकन्ने देवदूतन को विचार है। तौ फिर, सब जघा के सब लोगन कै जौ जानन देबौ कि अच्छो परमेस्वर के झोने देसन की सक्ति है और बौ उनकै अपनी जैसी इच्छा रहै कोई कै भी दै सकथै- जौ तक की बे लोगन कै सबसे कम जरुरी है।"
18 मैं राजा नबूकदनेस्सर कही, "जहे बौ सपनो है जो मैं देखो रहौं।" "अब, बेलतसस्सर, मोकै बताबौ जाको मतलब का है। मेरो कोई भी अच्छो पंडित मोकै नाय बता पाईं, कि तुम बताए सकथौ, कि पवित्र परमेस्वर की आत्मा तुम मैं है।"
19 जा मैं दानिय्येल, जाकै बेलतसस्सर भी कहथैं, इतनो घबराए गौ कि कुछ कहै नाय पाबै। राजा बासे कही, हे बेलतसस्सर, सपनो और बाको सन्देस से घबराए मत जईयो।
बेलतसस्सर उत्तर दई, "महाराज, मैं चाहथौं कि सपनो और बाको खुलासा तुम मैं नाय जबकि बाके दुस्मन मैं लागू होबै। 20 जौ पेंड़ इतनो ऊँचो रहै कि जौ आसमान तक पहोंच गौ, जाकै संसार मैं सब कोई देख सकथै।" 21 बाके पत्ता सुन्दर रहैं और बामैं इतने फल रहैं कि पूरे संसार को पेट भर सकथै। जंगली जानवर बाके नीचे आराम करत रहैं, और पक्छी बाकी हंगईयन मैं घोसला बनाथैं।
22 "महामहिम, तुम पेंड़ हौ, ऊँचे और मजबूत। तुम इतनो महान ही गै हौ कि तुम आसमान तक पहोंच गै हौ, और तुमरी राज्य सक्ति पूरी दुनिया मैं फैल गई है। 23 जब राजा देखत रहै, तौ एक स्वर्गदूत स्वर्ग से उतरो और बोली, ‘पेंड़ कै काट डारौ और खत्म कर देबौ, और ठ्ठडी कै धरती मैं छोड़ दईं। बाके चारौ घाँईं लोहो और पीतर की पट्टी लपेटौ, और बाकै घाँस के संग मैंदान मैं छोड़ दईं। और जौ आदमी के ऊपर ओस गिरै, और जे जानवरन के संग सात साल तक हुनै रहन दे।’"
24 "तौ जाको जहे मतलब है, महामहिम, और जौ बहै है जो अच्छो परमेस्वर घोसित करी है कि तुमरे संग घटना होगी। 25 तुमकै आदमिन के गाओं से निकार दौ जागो और जंगली जानवरन के संग रहन होगो। सात साल तक तू बरधा के जैसी चारौ खागो, और खुले आसमान मैं सोगो, और जहाँ ओस तेरे ऊपर गिरैगी। तभई तुम मानैगे कि अच्छो परमेस्वर सब आदमी देसन की रक्छा करथै और बौ जो चाहे बाकै दे सकथै। 26 देवदूत ठुड्डी कै जमीन मैं छोड़न को आदेस दई। जाको मतलब जौ है कि तुम फिर से राजा बन जागे जब तुम मानैगे कि परमेस्वर पूरी दुनिया मैं राज्य करथै। 27 तौ फिर, महामहिम, मेरी सलाह को पालन करौ। पाप करनो बंद करौ, जो अच्छो है बौ करौ और गरीबन के ऊपर दया करौ। तभई तुम अच्छे बने रहागे।"
28 जौ सब राजा नबूकदनेस्सर के संग भौ। 29 खाली बाहरै महेना बाद, जब बौ बेबीलोन मैं अपने अच्छे महल के ऊपर घूमत रहै, 30 बौ कही, "देखौ बेबीलोन कितनो महान! मैं अपनी सक्ति और अपनी महिमा देखन के ताहीं जौ अपनी राजधानी के रूप मैं बनाई।"
31 जासे पहले कि बाके मोह से जे सब्द निकरते, स्वर्ग से एक आवाज आई, "राजा नबूकदनेस्सर, मैं जो कहथौं बौ सुनौ! तुमरो राज्य तुमरे हात से छीन लौ गौ है। 32 तू आदमी के समाज से निकार दौ जागो, और जंगली जानवरन के संग रहेगो, और बरधा के जैसी सात साल तक चारौ खागो। तब तुम मानैगे कि परमप्रधान परमेस्वर के झोने आदमिन के राज्य मैं सक्ति है और बौ उनकै जो चाहे बौ दै सकथै।"
33 बात तुरन्तै सच्ची ही गई। नबूकदनेस्सर को आदमी समाज से निकार दई और बौ बरधा के जैसी चारौ खान लगो। ओस बाके सरीर मैं गिरत रहै, और बाके बार चील के पंखन के जैसी लम्बे ही जाथैं और बाके नहा पक्छी के पंजन के जैसी लम्बे ही जाथैं।
34 "जब सात साल बीत जांगे," राजा कही मैं आसमान के घाँईं देखो, और मेरी बुद्धि लौट आई। मैं परम परमेस्वर की स्तुति करो, और जो हमेसा जिन्दो है, बाकै आदर और महिमा देबौ।
"बौ हमेसा राज्य करैगो,
और बाको राज्य हमेसा बनो रहगो।
35 बे धरती के लोगन कै कुछ नाय समझथैं;
स्वर्ग मैं देवदूत और धरती मैं लोग
बाके नियम एक जैसी हैं।
बाकी इच्छा को कोई विरोध नाय कर सकथै
का सवाल करैं कि बौ का करथै।"
36 "जब मेरी बुद्धि लौट आई, तौ मेरो सम्मान, मेरी इज्जत और मेरे राज्य को गौरब मोकै बापस दौ गौ। मेरे अधिकारिन और मेरो मालिक मेरो आदर करीं, और मोकै मेरो राज्य पहले से जाधा सम्मान के संग लौटार दौ गौ।"
37 "और अब, मैं, नबूकदनेस्सर, स्वर्ग के राजा की स्तुति, सम्मान और महिमा करथैं। बौ कुछ भी करथै बौ सही और न्याय है, और कोई कै भी अपमान कर सकथै जो गर्व से काम करथै।"