17 तौ दानिय्येल अपने घरै जाएकै, अपने संग हनन्याह, मीसाएल, और अजर्याह कै जौ हाल बताए कै कही: 18 दानिय्येल उनसे कही की बे स्वर्ग को परमेस्वर से दया के ताहीं प्रार्थना करैं और बासे उनकै बात बतान के ताहीं कहीं ताकि बे बेबीलोन मैं दूसरे सलाहकारन संग मारे ना जा मैं।
20 दानिय्येल कही "परमेस्वर बुद्धिमान और सक्तिसाली है!
हमेसा बाकी स्तुति करौ।
21 बौ समय और मौसम कै एक समान करथै; बौ राजन कै बनाथै और बिगाड़थै;
बहै बुद्धि और समझ देथै।
22 बौ गहरी और अंदर की बात कै दिखाथै;
बौ जानथै कि अंधकार मैं का छिपो है,
और बौ तुमरिये ही रोसनी से घिरो है।
23 हे मेरे पुरखन को परमेस्वर, मैं तेरी स्तुति करथौं
और मैं तेरो आदर करथौं तू मोकै बुद्धि और बल दौ है;
तू मेरी प्रार्थना को जबाब दौ और सब बात उजागर करो है कि हमैं राजा से का कहने है।"