28 राजा कहथै, "परमेस्वर को धन्यवाद होबै कि सद्रक, मेसक और अबेदनगो, बौ अपनो दूत भेजी और बे लोगन कै बचाई जो बाकी सेवा करत रहैं और बाके ऊपर भरोसा करत रहैं। बे मेरे आदेसन की आदर नाय करीं और अपने देवता कै छोड़कै कोई दुसरे देवता के अग्गू लोहोक कै बाकी पूजा करन की बजाए अपनी जान खतरा मैं डार लईं।"
29 "और मैं आग्या देथौं, की अगर कोई जाति, या वंस, या कोई भी भासा को आदमी सद्रक, मेसक, और अबेदनगो कै परमेस्वर को अपमान करै, तौ बाकै टुकड़ा- टुकड़ा करो जाएगो, और बाके घर कै खंडरन को ढेर बनाए दौ जागो। और फिर उद्धार करन बारो कोई दुसरो कोई देवता भी नाय होगो।"