10 "जब मैं सोत रहौं तौ मैं एक दर्सन देखो, कि मोकै धरती के बीच मैं एक बड़ो पेंड़ दिखाई दई बाकी लम्बाई भौत जाधे रहै। 11 जौ तब तक बड़ो और बड़ो होत गौ और बाकी ऊँचाई स्वर्ग तक ही गई। और बौ पृथ्वी की छोर तक दिखाई देन लगो। 12 बाके पत्ता अच्छे रहैं, और बौ फल से लदो पड़ो रहै। जौ पूरो संसार कै खान ताहीं भरपूर रहै। जंगली जानवर बाकी छाईं मैं आराम करत रहैं, पक्छी बाकी हंगईय्या और घोसलन कै बनात रहैं, और सब तराहनी के जिन्दे प्राँड़ी बाके फल खात रहैं।"4:12 मत्ती. 13:32
20 जौ पेंड़ इतनो ऊँचो रहै कि जौ आसमान तक पहोंच गौ, जाकै संसार मैं सब कोई देख सकथै।" 21 बाके पत्ता सुन्दर रहैं और बामैं इतने फल रहैं कि पूरे संसार को पेट भर सकथै। जंगली जानवर बाके नीचे आराम करत रहैं, और पक्छी बाकी हंगईयन मैं घोसला बनाथैं।
22 "महामहिम, तुम पेंड़ हौ, ऊँचे और मजबूत। तुम इतनो महान ही गै हौ कि तुम आसमान तक पहोंच गै हौ, और तुमरी राज्य सक्ति पूरी दुनिया मैं फैल गई है।