बौ आदमी को दर्सन जो हमेसा जिन्दो रहौ है
9 जब मैं देखत रहौं, तौ जघा- जघा सिंहासन लगे भै रहैं बौ हमेसा लम्बी जिंदगी जीन बारो, एक राज सिंहासन मैं बैठ गौ। बाके लत्ता बरफ के जैसी सेते ही जाथैं और राज्य सिंहासन सबार और पहिया आगी से जलत रहैं, 10 और बामैं से आगी की लपट निकरत रहै। बे बाकी सेबा के ताहीं हजारौं- हजारौं लोग हाजिर भै और लाखों-लाखों लोग बाके अग्गू खड़े रहैं। अदालत अपनो साल सुरु करी और किताब कै खोलीं।