Admiração
O temor do Senhor é o princípio da sabedoria. A admiração reverente por Deus é a postura que produz conhecimento, obediência e bênção na vida do crente.
याहवेह के प्रति श्रद्धा ही ज्ञान का प्रारम्भ-बिंदु है,
मूर्ख हैं वे, जो ज्ञान और अनुशासन को तुच्छ मानते हैं.
याहवेह के प्रति श्रद्धा-भय से ज्ञान का
तथा महा पवित्र के सैद्धान्तिक ज्ञान से समझ का उद्भव होता है.
वस्तुतः याहवेह के प्रति श्रद्धा ही ज्ञान उपलब्धि का साधन है,
तथा विनम्रता महिमा की पूर्ववर्ती है.
याहवेह के प्रति श्रद्धा में सीमित धन ही उत्तम होता है,
इसकी अपेक्षा कि अपार संपदा के साथ विपत्तियां भी संलग्न हों.
पाप से घृणा ही याहवेह के प्रति श्रद्धा है;
मुझे घृणा है अहंकार, गर्वोक्ति,
बुराई तथा छलपूर्ण बातों से.
विनम्रता तथा याहवेह के प्रति श्रद्धा का प्रतिफल होता है;
धन संपदा, सम्मान और जीवन.
अपनी ही दृष्टि में स्वयं को बुद्धिमान न मानना;
याहवेह के प्रति भय मानना, और बुराई से अलग रहना.
इससे तुम्हारी देह पुष्ट
और तुम्हारी अस्थियां सशक्त बनी रहेंगी.
आकर्षण एक झूठ है और सौंदर्य द्रुत गति से उड़ जाता है;
किंतु जिस स्त्री में याहवेह के प्रति श्रद्धा विद्यमान है, वह प्रशंसनीय रहेगी.
ताव
इसलिये इस बात का अंत यही है:
कि परमेश्वर के प्रति श्रद्धा और भय की भावना रखो
और उनकी व्यवस्था और विधियों का पालन करो,
क्योंकि यही हर एक मनुष्य पर लागू होता है.
याहवेह के प्रति श्रद्धा बुद्धि का मूल है;
उन सभी में, जो इसे मानते हैं, उत्तम समझ रहते है.
याहवेह ही हैं सर्वदा वंदना के योग्य.
याहवेह का स्तवन हो.
धन्य है वह पुरुष, जो याहवेह के प्रति श्रद्धा रखता है,
जिसने उनके आदेशों के पालन में अधिक आनंद पाया है.
वे सभी धन्य हैं, जिनमें याहवेह के प्रति श्रद्धा पायी जाती है,
जो उनकी नीतियों का आचरण करते हैं.
सुनो, याहवेह की दृष्टि उन सब पर स्थिर रहती है,
जो उनके श्रद्धालु होते हैं, जिनका भरोसा उनके करुणा-प्रेम में बना रहता है,
परमेश्वर हम पर अपनी कृपादृष्टि बनाए रखेंगे,
कि पृथ्वी के दूर-दूर तक उनके लिए श्रद्धा प्रसारित हो जाए.
पर तुम जो मेरे नाम का सम्मान करते हो, तुम्हारे लिये धर्मीपन का सूर्य चंगाई देनेवाले अपने किरण के साथ उदय होगा. और तुम बाहर जाओगे और मोटे-ताजे बछड़े के समान उछल-कूद करोगे.
तब इस्राएल, तुमसे याहवेह की क्या अपेक्षा है, इसके अलावा कि तुम याहवेह, अपने परमेश्वर के प्रति श्रद्धा और भय का भाव रखो, उनसे प्रेम करो, याहवेह, अपने परमेश्वर की सेवा अपने पूरे हृदय और अपने पूरे प्राण से करो, और याहवेह के आदेशों और नियमों का पालन करो, जो तुम्हारी ही भलाई के उद्देश्य से मैं तुम्हें दे रहा हूं?
अनुगमन तुम याहवेह अपने परमेश्वर का करोगे और उन्हीं पर तुम्हारी श्रद्धा और भय बनाए रखोगे, तुम उनके आदेशों का पालन करोगे, उनका स्वर सुनोगे, उन्हीं की वंदना करोगे और उन्हीं से सम्बद्ध रहोगे.
धायों के मन में परमेश्वर का भय था, इस कारण परमेश्वर ने उनको अपने परिवार दिये.
इसलिये प्रिय भाई बहनो, जब हमसे ये प्रतिज्ञाएं की गई हैं तो हम परमेश्वर के प्रति श्रद्धा के कारण, स्वयं को शरीर और आत्मा की हर एक मलिनता से शुद्ध करते हुए पवित्रता को सिद्ध करें.
जिसे जो कुछ दिया जाना निर्धारित है, उसे वह दो: जिसे कर देना है, उसे कर दो; जिसे शुल्क, उसे शुल्क; जिनसे डरना है, उनसे डरो तथा जो सम्मान के अधिकारी हैं, उनका सम्मान करो.
"जो अपने दुःखी मित्र पर करुणा नहीं दिखाता,
वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रति श्रद्धा छोड़ देता है.