18 सुण, जिब हम इस देश म्ह आवागें, फेर जिस खिड़की म्ह तै तू हमनै उतारै सै उस्से म्ह या लाल रंग के सूत की डोरी बाँध दिए; अर अपणे माँ-बाप, भाईयाँ, बलके अपणे पिता के कुण्बे नै भी इस्से घर म्ह अपणे गैल कठ्ठा राखिये।
21 उसनै कह्या, "थारे वचनां कै मुताबिक हो।" फेर उसनै उन ताहीं विदा करया, अर वे चले गए; अर उसनै लाल रंग की डोरी खिड़की म्ह बाँध दी।