4 भली जनान्नी अपणे धणी का मुकुट सै, पर जो बेशर्मी के काम करै सै, मान्नो वा उसके हाड्डां कै सड़ण का कारण होवै सै।
4 भली जनान्नी अपणे धणी का मुकुट सै, पर जो बेशर्मी के काम करै सै, मान्नो वा उसके हाड्डां कै सड़ण का कारण होवै सै।