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Neemias 1

4 ़ैखन ीं एन अविशतां ां लगिितगर अवतम रतपरमशरां बरत खतां थनरत5 "परमशर यहा, महडरबल परमशर! ़ैीं रतन मनतन अपनकररतस दयरतस6 कन एछ़़्ी ्‍रख, अपनथऩै अवइसएलि़ी रतअवइसएलपन मनत़ैअसखलिीं वजइयि7 असमनबड़ी ि, ़ैिि ियम ीं अपनििे, असनईमने। 8 , ़ै ीं अपनििो, अगर वफ, अवसन ां-ां कन ां ितर-बितर ो। 9 पन अगर िे, मननथ, लथ, सन मरां कढअमबरि, िअवां अकरतां ़ाो, ़ै ीं अपननव़ु1:9 व्यव. 30:1-4. 10 कन, ़ैीं एपऩी ि बड़े कतवरन11 रभिनतआहे, अपनथऩ, अपनां ि थऩ, ़ैडर मनतन, े, अजअपनकममय, अरतकषत़े ीं महरब" अवरस़ेििो।

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