16 पन रूत ज़ोने लगी, "तू मीं कां ऐह मिन्नत न केर, कि अवं तीं छ़ेडतां, या शैरतां च़ली गेईं किजोकि ज़ेरहां तू गाली तेरहां अवं भी गाली; ज़ैड़ी तू राहेली तैड़ी अवं भी राहेली; तेरे लोक मेरे लोक भोल्हे, ते तेरो परमेशर मेरो परमेशर भोल्हो;
16 पन रूत ज़ोने लगी, "तू मीं कां ऐह मिन्नत न केर, कि अवं तीं छ़ेडतां, या शैरतां च़ली गेईं किजोकि ज़ेरहां तू गाली तेरहां अवं भी गाली; ज़ैड़ी तू राहेली तैड़ी अवं भी राहेली; तेरे लोक मेरे लोक भोल्हे, ते तेरो परमेशर मेरो परमेशर भोल्हो;