6 ऐ मनख्यान ओवलियाद, तु उना सी नी बिहजी; चाहाय तुके काटा, उंटकटारा आरु विछा क विच वी रोहनो पोड़े, ती वी हेनका बुल सी नी बिहनो; कोदाम त्या लोड़ायन्या घरल्यात होय, ती वी नी ते हेनका बुल सी बोहनो, आरु नी हेनका मुय देखीन तारो मोन काचो होय।
Publicidade
Publicidade