1 तब यहोवा ने ये सब वचन बोल्या, 2 मी तरो यहोवा हई, जप तोखे दासत्व का घर यानीकी मिस्र देश से निकाली लायो हइ. 3 तु मेखे छोडीखे दुसरा खे यहोवा कि भक्ती नी माननु. 4 तु अपना लिये कोय मुर्ति खोदीखे नी बनानु, नी कोय की प्रतिमा बनानु, जो आकाश मे, या पृथ्वी पर, य पृथ्वी का निचे पानी मे हइ 5 तु उनखे झुकि खे प्रनाम नी करनु, अरु नी ओकी उपासना न ओकि सेवा नि करनु; क्युकी मी तरो यहोवा जलन इर्षा रखनवालो यहोवा हई, अरु जो मरा से बैर रकस हई, उनखे मि अधर्म को दंड उनका बेटा, पोतो, अरु परपोतो खे भी पितरहोन खे दंड दियो करस हइ, 6 परन्तु जो मरा से प्रेम रखस अरु मरी आज्ञा खे मानस हई, वे हजारहोन पिडीहोन पर करुना करस हई व्यवस्थाविवरन 7:9. 7 तु अपना यहोवा को नाम व्यर्थ नी लेनू; क्युकी जो यहोवा को नाम व्यर्थ लीये उ ओखे निर्दोष नी ठहरानु, 8 तु अराम दिन खे पवित्र मानन का लिये याद रखनु. 9 छे दिन तु काम करीखे अपनो सब काम-काज करनु; 10 परन्तु सातवा दिन तरा यहोवा का लिये अराम दिन हई. येका लिये नी तु कोय भाति को काम-काज करनु, अरु नी तरो बेटो, नी तरी बेटी, नी तरो गुलाम, नी तरी दासी, नी तरा जनवर, नी कोय परदेशी जो तरा फाटकहोन का अंदर हुये. 11 क्युकि छ दिन मे यहोवा ने आकाश अरु पृथ्वी, अरु समुद्र, अरु जो कुछ ओमे हई, सब खे बनायो, अरु सातवा दिन अराम कऱ्यो; येका कारण यहोवा ने अराम दिन खे आशीष दीयो अरु ओखे पवित्र ठहरायो. 12 तु अपना बाप अरु अपनी माय को आदर करनु, जेका से जेका से तरी उम्र बडी जाये जेका से तरा देश तरा परमेश्वर यहोवा तोखे देस हई ओमे तु बोत दिन तक ऱ्ही पायोे. 13 तू खुन नी करनु. 14 "तू व्यभिचार नी करनु. 15 तू चोरी नी करनु. 16 तू अपना पडोसीहोन को विअरुध्द झूटी साक्षी नी देनु. 17 तू कोय का घर को लालच नी करनू; नी तो कोय की लुगेम की लालच करनू, अरु नी कोय का गुलाम-दासी, या बैल गधा को, नी कोय को कोय चिज को लालच करनू."
18 जब सब दुनियाहोन ने मेघ गरजनो अरु बिजली अरु नरसिंग को बोल सुनी, अरु टेकडी पर धुवो उठतो हुये देख्यो, अरु देखीखे, कापन लग्या अरु दूर खडा हुई गा; 19 अरु वे मूसा से बोलन लग्या, "तु हम से बात कर, तब तो हम सुनी सख्या; परन्तु यहोवा हम से बात नी करन का, असो नी हुये कि हम मरी जाया." 20 मूसा ने दुनियाहोन से बोल्यो, "डर मत; क्युकी यहोवा येका निमित्त आयो हई कि तुमारी परीक्षा करे, अरु ओको डर तुमारा मन मे बन्यो ऱ्हीहे, कि तुम पाप नी करे." 21 परन्तु वे दुनिया तो दुर ही खडा ऱ्हेया, मूसा उ घोर अंधारा का नजीक गयो जहा यहोवा थो.
22 तब यहोवा ने मूसा से बोल्यो, "तु इस्राएलिहोन खे मरा ये वचन सुना, कि तुम दुनियाहोन ने तो खुद ही देख्यो हई की मेने तुमारा सात आकाश से बात कसी करी हई. 23 मरी आराधना का सिवा तुम अपना लिये कोइ अरु खे सोन्नो चांदी का देवी देवताहोन खे नी बनानो अरु न उन की पुजा करनू. 24 मरा लिये मिठ्ठी को एक वेदी बनानु, अरु अपना मेडा-बकरीहोन अरु गाय-बैलहोन खे होमबलि अरु मेलबलि खे ओका पर चेडानु; अरु प्रतेक जगह मे जहा-जहा मी अपना नाम खे याद करयु वहा-वहा मी ऐखे तुमखे आशीष दियु. 25 अरु अगर तुम मरा लिये पत्थरहोन कि वेदी बनानु, ते तराशे हुये पत्थरहोन से नी बनानु; क्युकी जहा तुमने ओका पर अपनो हथियार लगायो वहा तु ओखे अपवित्र अअभिषेक करी देनु. 26 अरु मरी सीढी वाली वेदी मत बनाना, कही असो नी हुये कि तरो आग ओका पर नंगो देखाइ दे."