1 "झुठी बात नि फैलानु. झुठी गवाह दिखे अन्यायी दुनियाहोन को साथ नि देनु.23:1 निर्गमन 20:16; लैव्यव्यवस्था 9:11,12 2 बुराई करन का लिये न ते बहुत जन का पीछे हुइ जानु; अरु न उनका पीछे फेरिखे मुकदमा में न्याय बिगाड़न को साक्षी देनु; 3 अरु कंगाल का मुकदमा में उनखे भी पक्ष न करनु.23:3 लैव्यव्यवस्था 19:15 4 अगर तरा दुश्मन को बैल या गधा भटकतो हुयो तोखे मिल्ये, ते ओखे ओका पास जरुर फेर ली आनु. 5 फेर अगर तू अपना दुशमनहोन का गधा को बोझ का मारे दब्यो हुयो देख्यो, ते चाहे ओखे ओका मालीक का लिये छुड़ान का लिये तरो मन नी चाहे, ते भी अवश्य मालिक को साथ दिखे ओखे छुडइ लेनु.23:5 व्यवस्था विवरन 22:1,4 6 तरा दुनियाहोन में से जो गरिब हो ओका मुकदमा में न्याय न बिगाड़नु. 7 झूठा मुकदमा से दूर रहनु, अरु निर्दोष अरु न्यायी को घात नी करनु, क्योंकि मी दुष्ट खे निर्दोष नी ठहरायु. 8 क्योकि रिसवत नी लेनु अदमी खे सत्य से अंधो करी देस हइ. अरु निर्दोस को न्याय बिगाडी देस हइ. 9 परदेशी पर जुलुम नी करनु; तुम तो परदेशीहोन का मन की बात जानस हइ, क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी था.23:9 निर्गमन 22:21; लैव्यव्यवस्था 19:33,34
10 "छे; साल तो अपना खेत में बिज बोनु अरु ओकी उपज जमा करनु;23:10 लैव्यव्यवस्था 25:3 11 परन्तु सातवा साल में ओखे पडीत ही छोडी देनु अरु वोसो ही छोडी देनु, तरा भइ-बन्धुहोन में से जो गरीब दुनियाहोन उनखे खानो मिल्ये, अरु जो कुछ ओकासे भी बच्ये उ जंगली जनवर खे खाना का काम में आह्ये. अरु अपनी अंगुर की बाडी अरु जैतून की बाडी खे भी असा ही करनु.23:11 लैव्यव्यवस्था 25:1,7 12 छे; दिन तक तु अपनो काम-काज करनु, अरु सातवा दिन अराम करनु; कि थरा बैल अरु गधा होन अराम करे, अरु थरा दासीहोन का बेटा अरु परदेशी भी अपनो मन अराम करी सक्ये. 13 अरु जो कुछ मेने तुम से बोल्यो हइ ओमेसे सावधान रेहनु; अरु दूसरा देवताहोन का नाम की चर्चा नी करमु, वरन् वे तुम्हारा मुँडा से सुनायो भी नी देनु.
14 "हर साल तीन बार मरा लिये पर्व माननो. 15 अखमीरी रोटी को तिव्हार माननो; ओमे मरी आज्ञा का अनुसार अबीब महीने का नियत समय पर सात दिन तक अखमीरी रोटी खायो करनु, क्योंकि उही महीना में तुम मिस्र से निकली आय. था अरु मेखे कोई मरा दर्शन का लिये चामडा हाथ नी आनु. 16 अरु जब तरी बोयो हुयो खेत को पहलो उपज तैयार होनु, तब काटन को तिव्हार मानानु. अरु साल का आख्री में जब तू मेहनत को फल जमा कऱ्ये अरु ढेर लगाए, तब बटोरन ने को तिव्हार मानना.23:16 लैव्यव्यवस्था 15:21; गिनती 26:31 17 हर साल तीन्ही बार तरा सब पुरुष परमेश्वर यहोवा खे अपनो मुडो दिखानु. 18 मरो बलि जनवर को खुन खमीरी रोटी का संग नी चढ़ानु, अरु न मरो पर्व को उत्तम बलिदान में से कुछ सुबेह तक रेहन देनु. 19 अपनी भूमि की पहली उपज को पहला भाग अपना परमेश्वर यहोवा का भवन में ली आनू. बकरी का बच्चा खे ओखी माय का दूध में नी बनानु.23:19 व्यवस्था विवरन 26:2; 14:21; निर्गमन 34:26
20 "सुन, मि एक दूत थरा आगे-आगे भेजुस हइ जो रस्ता में थरी रक्षा कऱ्यु, अरु जो जगहा खे मेने तयार किऱ्यो हइ ओमे तोखे पहुँचायु. 21 ओका सामने सावधान रेहनु, अरु ओखी माननु, ओखो विरोध नी करनु, क्योंकि उ तुम्हारो अपराध क्षमा नी करे; येकालिये कि ओमे मरो नाम रेस हइ. 22 अरु अगर तू सचमुच ओको माननु अरु जो कुछ मि बोल्यु उ कऱ्ये, ते मी थरो दुशमन को दुशमन अरु थरो द्रोहिहोन को द्रोही बन्यु. 23 या रीति मरो दूत थरा आगे-आगे चलिखे तोखे एमोरी, हित्ती, परिज्जी, कनानी, हिव्वी, अरु यबूसी दुनियाहोन का यहा पहुँचायु, अरु मी उनखे सत्यानाश करी डाल्यु. 24 उनका देवताओं खे दण्डवत् नी करनु, अरु न उनकि उपासना करनु, अरु न उनका से काम करनु, वरना वे मूरती खे पूरी तरहा से सत्यानाश करी दियु, अरु वे दुनियाहोन की स्थमभ का टुकडा-टुकडा करी दियु. 25 तुम अपना परमेश्वर यहोवा की उपासना करनु, तब उ थरा अन्न पाणी पर आशीष दिये, अरु थरा बीच में से रोग दूर कऱ्ये. 26 थरा देश में न तो कोइ को गर्भ गिऱ्ये अरु न कोई बाँझ हुये; अरु तरी उम्र मी पूरी कऱ्यु. 27 जेनता दुनियाहोन का बीच तू जाये वे सभी का मन में मी अपनो डर पहले से असो समइ दिये कि उनखे व्याकुल करी दिये, अरु मी तोखे सब दुशमनहोन को पिछो दिखायु. 28 अरु मी थरा से पहले तात्यागं खे भेज्यु जो हिव्वी, कनानी, अरु हित्ती दुनियाहोन खे थरा सामने से भगइखे दूर करी दिये. 29 मी उनखे तरा आगे से एक ही साल में तो न निकाली दियु, असो न हो कि देश उजाड़ हुइ जाए, अरु जंगली जनवर बढीकर तोखे दुःख देन लगी जाये. 30 जब तक तेरि संख्या बडी खे देश खे अपना अधिकार में न करी ले तब तक मी उनखे तरा आगे से थोडो-थोडो करीखे निकालतो रिह्ये. 31 मी लाल समुद्र से लिखे पलिश्तिहोन का समुद्र तक अरु जंगल से लिखे जो निर्जन प्रदेश कि फरात नंदी तक थरो वस मे कर्यु; मी उ देश का निवासिहोन खे भी तरा कुल में करी दियु, अरु तू उनने अपना सामने से जबरदस्ती निकाली दिये. 32 तू न ते उनसे वाचा बाँधनो अरु न उनका देवताहोन से. 33 वे तरा देश में रेहन न पाएँ, असो न हुये कि उ थरा से मेरा विअरुद्ध पाप करायो; क्योंकि अगर तू उनखे देवताहोन की उपासना कऱ्ये, ते ह्या तरा लिये फंदो बनी जाये."