49 देख, तोरी बहिन सदोम को अधर्म यो होतो, कि वा अपनी टुरियों समेत घमन्ड करत होती, पेट भर भर क खात होती, अऊर सुख चैन सी रहत होती; उन्न गरीबों अऊर जरूरतमन्दों की मदत नहीं करी।
49 देख, तोरी बहिन सदोम को अधर्म यो होतो, कि वा अपनी टुरियों समेत घमन्ड करत होती, पेट भर भर क खात होती, अऊर सुख चैन सी रहत होती; उन्न गरीबों अऊर जरूरतमन्दों की मदत नहीं करी।