14 फसल को समय होतो नदी म बहुत बाढ़ होतो येकोलायी जब प्रजा को लोगों न अपनो तम्बुवों सी यरदन नदी पार जान लायी निकल्यो, अऊर याजक वाचा को सन्दूक उठायो हुयो प्रजा को आगु आगु चल्यो, 15 अऊर सन्दूक ख उठावन वालो यरदन नदी पर पहुंच्यो, अऊर सन्दूक को उठावन वालो याजकों को पाय यरदन नदी को पानी म डुब गयो यरदन नदी को पानी त कटनी को समय को सब दिन अपनो तट को ऊपर ऊपर बह्यो करय हय, 16 तब जो पानी ऊपर को तरफ सी बहत आवय हय ऊ बहुत दूर, मतलब आदाम नगर को जवर जो सारतान नगर को जवर रूक क एक ढेर भय गयो, अऊर दीवार जसो उठ्यो रह्यो, अऊर जो पानी अराबा को सागर जो मृत सागर भी कह्यो जावय हय, ओको तरफ बहत जात होतो, ऊ पूरो रीति सी सूख गयो; अऊर प्रजा को लोग यरीहो को सामने पार उतर गयो। 17 अऊर याजक यहोवा की वाचा को सन्दूक उठायो हुयो यरदन को बीचों बीच पहुंच क जागा पर स्थिर खड़ो रह्यो, अऊर सब इस्राएली जागाच जागा पार उतरतो रह्यो, आखरी म ऊ पूरी जाति को लोग यरदन नदी पार भय गयो।