यरीहो नगर को विनाश
1 इस्राएली लोगों को वजह यरीहो नगर को फाटक बन्द कर दियो गयो होतो, कोयी भी नगर को अन्दर नहीं आय सकत होतो अऊर नहीं कोयी बाहेर जाय सकत होतो। 2 फिर परमेश्वर न यहोशू सी कह्यो, "देख मय यरीहो नगर ख ओको राजा अऊर योद्धावों समेत तोरो वश म कर देऊ हय। 3 येकोलायी तुम म जितनो योद्धा हय नगर ख घेर ले, अऊर ऊ नगर को चारयी तरफ दिन म एक बार चक्कर लगाये। अऊर छय दिन तक असोच करतो रहो। 4 अऊर सात याजक मेंढा को सींगो सी बन्यो सात नरसिंगा ले क सन्दूक को आगु आगु चलेंन; फिर सातवों दिन तुम नगर को चारयी तरफ सात बार घूमो, अऊर याजक भी नरसिंगा फूकतो चलेंन। 5 अऊर जब हि मेंढा को सींगो को नरसिंगा देर तक फूकतो रहेंन, तब सब लोग नरसिंगा को आवाज सुनतोच बड़ो आवाज सी जय जयकार करेंन; तब नगर की दीवाल नीव गिर जायेंन, अऊर सब लोग अपनी आंखी को सामने सीधो चलतो जाये।"
6 येकोलायी नून को टुरा यहोशू न याजकों ख बुलाय क कह्यो, "वाचा को सन्दूक ख उठाय लेवो, अऊर सात याजक परमेश्वर को सन्दूक को आगु आगु मेंढा को सींगो को सात नरसिंगा ले क चलेंन।" 7 फिर ओन इस्राएली लोगों सी कह्यो, "आगु बढ़ क नगर को चारयी तरफ घुम क आवो; अऊर हथियार लियो हुयो आदमी परमेश्वर को सन्दूक को आगु आगु चले।"