45 कोढ़ जसो रोग को रोगी फट्यो कपड़ा पहिने अऊर ओको मुंड को बाल बिखरयो रहे, अऊर खल्लो को ओंठ ख झाक क पुकारे, "अशुद्ध, अशुद्ध!" 46 जितनो दिन तक ओको म रोग रहेंन उतनो दिन तक ऊ अशुद्ध रहेंन; अऊर ऊ अशुद्धच हय येकोलायी ऊ अकेलो रहे, ओकी रहन की जागा छावनी को बाहेरच रहे।
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