परमेश्वर को द्वारा इस्राएल को खिलाफ शिकायत
1 जो बात परमेश्वर कह्य हय, ओख सुनो : उठ क, पहाड़ी को आगु बातचीत कर, अऊर पहाड़ी भी तोरी बात सुनेंन। 2 ओ पहाड़ो, अऊर हे धरती की अटल नींव, यहोवा की बहस सुनो, कहालीकि यहोवा ख अपनी प्रजा सी शिकायत हय, अऊर ऊ इस्राएल सी बात करय हय। 3 "ओ मोरी प्रजा, मय न तोरो का बिगाड़्यो हय? मोख बता की कौन्सी बात म मय न तोख दु:ख दियो हय? 4 ६:४ निर्गमन ४:१०-१५; १२:५०; १५:२० मय त तोख मिस्र देश सी निकाल क लायो हय, अऊर गुलामी को घर म सी तोख छुड़ाय क लायो; अऊर तोरी अगुवायी कर क मूसा, हारून अऊर मिर्याम ख भेज दियो। 5 ६:५ गिनती २२:२; २४:२५; यहोशू ३:१; ४:१९ओ मरी प्रजा, याद कर, कि मोआब को राजा बालाक न तोरो खिलाफ कौन्सी योजना बनायी, अऊर बोर को टुरा बिलाम न ओख का बतायो, अऊर शित्तीम सी गिलगाल तक की बातों ख याद कर, जेको सी तय यहोवा को अच्छो काम समझ सके।"
परमेश्वर का चाहवय हय
6 मय का ले क यहोवा को जवर आऊं, अऊर ऊपर रहन वालों परमेश्वर को आगु झुकूं? का मय होमबलि लायी एक साल को बछड़ा ले क ओको जवर आऊ? 7 का यहोवा हजारों मेंढी सी, या जैतून तेल की लाखों नदियों सी खुश होयेंन? का मय अपनो अपराध को प्रायश्चित म अपनो पहिलौठा ख या अपनो पाप को बदला म अपनो पैदा करयो हुयो कोयी ख दे देऊं। 8 ओ आदमी, ऊ तोख बताय चुक्यो हय कि अच्छो का हय; अऊर यहोवा तोख येख छोड़ अऊर का चाहवय हय, कि तय न्याय सी काम करे, अऊर कृपा सी प्रेम रखे, अऊर अपनो परमेश्वर को साथ नम्रता सी चले? 9 यहोवा की वानी यरूशलेम नगर ख बुलाय रही हय, बुद्धिमान आदमी यहोवा को नाम को डर मानय हय : येकोलायी सजा की बातों पर ध्यान दे, जेको जवर दण्ड देन को अधिकार हय। 10 का अब तक दुष्ट को घर म दुष्टता सी पायो हुयो धन अऊर छोटो नाप गलत नहाय? 11 का मय कपट को तराजू अऊर अपनो झोला म झूठो बट रखन वालों ख बिना दण्ड दियो छोड़ देऊं? 12 तोरो धनवान लोग अत्याचार करय हय, अऊर तोरो रहन वालो झूठ बोलय हय अऊर उन्की जीबली धोका देन वाली बात करय हय। 13 योच वजह मय तोख मारतो मारतो बहुतच घायल करू हय, अऊर तोरो पापों को वजह तोख उजाड़ देऊं। 14 तय खाजो, पर सन्तुष्ट नहीं होजो, तोरो पेट कभीच नहीं भरेंन; अऊर तय अपनी जायजाद ले क चलजो, पर बचाय नहीं सकजो, अऊर जो कुछ तय बचाय भी लेजो, ओख मय तलवार चलाय क लुटवाय देऊं। 15 तय बोयजो, पर फसल नहीं काट सकजो; तय जैतून को तेल निकालजो, पर लगाय नहीं सकजो; अऊर अंगूर सी रस निकालजो, पर ओख पी नहीं सकजो। 16 ६:१६ १ राजा १६:२३-३४; २१:२५-२६कहालीकि हि ओम्री की विधियों पर अऊर अहाब को घरानो को सब कामों पर चलय हय; अऊर तुम उन्की युक्तियों को अनुसार चलय हय; येकोलायी मय तोख उजाड़ देऊं, अऊर यो नगर को रहन वालो लोग तुम्हरी हसी उड़ायेंन, अऊर तुम मोरी प्रजा की निन्दा सहजो।