24 सकन क बखत ऊ सवन क उततम स उततम जग हन प चढई करग; अऊर ज कम न ओक परख अऊर न ओक परख हन क परख हन करत र, ओ ख ऊ करग; अऊर लट वल धन-दलत उन म बज बट करग। ऊ कछ बखत लक पकक सहर हन क लवन क वचर करत रहग।
Publicidade
Publicidade
24 सकन क बखत ऊ सवन क उततम स उततम जग हन प चढई करग; अऊर ज कम न ओक परख अऊर न ओक परख हन क परख हन करत र, ओ ख ऊ करग; अऊर लट वल धन-दलत उन म बज बट करग। ऊ कछ बखत लक पकक सहर हन क लवन क वचर करत रहग।