1 तारो रूटो पाण्यान उपेर टाक दे, काहाकाय जुलूम दिह्यान बाद तुवाह तो पोशो जुड़ी। 2 सात नाह पुण आठ माणहाह बी वाट दे, काहाकाय तु नाह जाणेत; काय ज्यी देरती पोर कुलबुखे तार पोर पिड़ा आव पोड़ी।
3 केदी वादला पाण्या केरीन बोराय रेनाह, ताहार ता सोता बुई पोर पाणी पाड़ती; एने जाड़ केदी देक्षिणान उगे पोड़ी नाहते उत्तर उगे पोड़ी, जाड़ जा जागा पोर पोड़ी, तो तास पोड़ रेय। 4 जो किरसाण वाराह देखते रिथे, तो बिज पेर नाय सेकी; एने जो वादलाह देखते रेय, तो कामाय काट नाह सिकेत। 5 जीहे वारो कारीन आवेह ज्य तुवाह मालुम नाह, एने किहीक आईख ने पेटाम सोरान सेरीर वोड़ेह; तिहेच केरीन तु बोगवानान काम नाह जाणेत, जो आखाह बाणावीह। 6 वेगोच तारो बिज पेरने सुरवात केर, एने हांज पोर बी तारा आथ मा रूके; एने काम केरते रे, काहाकाय तु नाह जाणेत काय तुवाह काल्ला कामा माय फायदो जुड़ी, ज्या कामाम नाहते ता कामाम, नाहते दुयू माय।
7 दिह्यान उजोड़ हाजो लागेह, एने दोपाह देखणे से डोलाह हुक जुड़ेह। 8 केदी माणुह जुलूम वोरह्या वोर जीवतालो रिथे, ताहार तो तान जीवायीम आखा वोरह्या माय खुस रेय; पुण तो एर मिले काय आंदारलान दिह बी कोम नाय एती। जो काय ईथे, तो कायच कामान नाह।
9 एय जुवान, तारी जुवानी माय मोंज केर, एने तारी जुवानीन दिह्याम खुस रे; तारी मोनमानी केर, एने तारा डोलान इच्छा पारमाणे चाल। पुण तु ज्य जाण ले काय आखी वातु माय बोगवान तारी नियाव केरी।
10 तारा मोनाम रेन राग सिटो केर, एने बुरायीह तारा सेरीरा पोर रेन उतारीन जुगार दे; काहाकाय सोरापोणा एने जुवानी दुयू कायच कामान नाह सोती।