1 मुरेल माखान वोजेसे आसत्राह खाराब केर देतेह, इहीच केरीन जारीक फोगवाय बुध्दी एने मान सम्मान कोम केर दिथे।
2 एकलीदारान मोन हाजी वातीन उगे रिथे, पुण फोगान विचार ताह खाराब वाटी पोर ली जातेह। 3 जीहे फोगो सेड़की पोर चालेह, ता माय सोमेज ने कोमी रिथे, जासे मालुम पुड़ेह तो फोगो हे।
4 केदी आदिकारी तार से रागारो एय, ताहार तु तारो जागो मा सोड़हे; काहाकाय दिर मोट मोटला गुनाह बी हुदार दिथे।
5 मी एक बुराय जी देरती पोर दिख्यो, ती आदिकारीन चुकी से ईथे। 6 फोगा उचाला हाजाला जागा पोर बोहाड़ाय जातेह, एने मालदार माणहे बुंदे बोहतेह। 7 मी गुलाम माणहाह गोड़ा पोर बोहीन जातालो दिखेल हे, एने राज कुमार गुलामान गेत बुई पोर पाये चालताला।
8 जो दिहरा माणहान केरता खाडो खोदेह, तो सोता ता माय पोड़ी; एने जो चोरी केरनेन केरता बितड़ो तुड़ेह, ताह गेयड़ेक टोची। 9 जो बितड़ान देगड़ाह सिटो किरेह, ताह दिगोड़ लागी, एने जो एद्दीन लाकड़े काटी, ताह ता से दुको रेय। 10 केदी कुराड़ बोथड़ी एय, एने माणुह तीन दारीह नाय निहाणे, ताहार जादा ताकेत लागाड़ने पोड़ी; पुण काम केरनेन केरता बुध्दी कामान हे। 11 केदी मोंतेर मारनेन पेल गेयड़ेक टोची, ताहार मोंतेर केरनाराह कायच फायदो नाह। 12 बुध्दीमान ने मुयाम रेन निकलेल सोबदा गीणाता रेतेह, पुण फोगा तान सोबदान द्वारा खेतेम एतेह। 13 तान वातुन सुरवात फोगवाय हे, एने तान सेवोट दुखान गांडायपोणा ईथे। 14 फोगो माणुह जुलूम वातु वोड़ावीन किथे, तीबी
कुण नाह जाणेत काय बोविश्याम काय एण्यो हे, एने कुण केय सिकेह काय तान बाद काय एय।
15 फोगान मेहनेत ताह लेवाड़ दिथे ओलीक काय तो नाह जाणेत काय, गाव किहीक जाव।
16 एय देस, तार पोर हाय! केदी तारो राजा सेवक हे; एने तारा आदिकारी वेगाच खाणेन सुरवात केरतेह, ते ओली खाराब देशा। 17 एय देस, तु बोरकेतवालो हे, काहाकाय तारो राजो हाजी वोचीन हे; एने तारा आदिकारी ठिक टेम पोर ताकेत वोड़ावणेन केरता खाणो खातेह, साकवाला एणेन केरता नाह।
18 जेवी तु कोवल्या चालनेन आलहाय किरहे ताहार पाणी गेल्यी, एने गेर गेलने से तान गेर ओदरी जाय।
19 खाणो आहताय खुसीन केरता बाणावाय जाथे, एने अंगुरान रूहा केरीन जीवणाह खुसी जुड़ेह; एने पोयशा केरीन आखो सापड़ी जाथे।
20 तु राजाह मोना माय बी हाराप मा दिहे एने तारा गेरा माय मालदार माणहाह बी हाराप मा दिहे; काहाकाय जुगान चिड़ो तारा बोलाह लेन उड़ी, एने उड़नार चिड़ा ती वातीह देखाड़ देती।