1 तारी जुवानीन दिह्या माय तुवाह बाणावनाराह एर केर, न्याह रेन पेल काय पिढान दिह एने ता वोरह्या आवा, जा माय तु ज्य किहे, "न्या माय मारो मोन नाह लागेत।" 2 ता दिह्याम तार केरता दिह एने उजालो, चांद एने चांदण्या आंदारला एय जाती, पाणी बोरायेल वादेल बुयी पोर पाणी पाड़ीन जात रेती। 3 ता दिह्याम गेरान राखवाल्या कापणे बाज जाती एने ताकेतवोर माणहे जुकती, एने तारा दात कोम रेणे से रूटो चावणेन सोड़ देती, एने खिड़की माय रेन देखणारे डोला आंदला एय जाती। 4 तेवी ती टेम माय सेड़कीन आवाज तुमरा कानाह होमलाय नाय एने देलन्यी चेकीन आवाज कोम एय जाय; तेवी माणुह चिड़ान आवाज होमलीन उठ बोही, एने आखा गीतान आवाज बोंद एय जाय। 5 थोड़ीस उचाय पोर चेड़ने से तुवाह बिय आवी, एने वाटी पोर वाली वोस्तु से बिय आवी; तेवी बादामान जाड़ फुली, एने टिड्यान बी वोजेन बारो लागी एने बुख मिटाड़णार फोल पोशो काम नाय देय। काहाकाय माणुह तान कायेमान गेर जाय, एने रेड़न्या, दुख माणावणारे माणहे वाटे वाटे फिरती। 6 ती टेम चांदीन तार दुय टुकड़ा एय जाय, एने होनान वाटको फुट जाय; एने जिरा हेऱ्य गुंडो फुट जाय, एने कुवा हेऱ्य फिटकिरो टुट जाय। 7 तेवी माटड्यो माटड्या माय मिलाय जाय, एने जीव बोगवाना फाय जो ताह आपेल जात रेय।
8 मास्तेर किथे, आखो कायच कामान नाह; कायच कामान नाह, खेरीच आखो कायच कामान नाह सोतो।
9 मास्तेर जो एकलीदार इतो, तो माणहाह एकलीन वातु बी हिकाड़ते रिनो; एने तो हासकेरीन जाची पारखीन जुलूम होवटा हिक आपणारे वचन आरवेल मिलेल हे। 10 मास्तेर पोटे ओहला सोबदा होद्यो, एने खेरायीन हिकवोण आपणारे वचन लिख्यो। 11 एकलीदारान वातु आरीवाला डेंगान गेत रिथे, एने पोंचान मुखीन बोल हास केरीन ठुकेल खिलान गेत हे, काहाकाय न्याह हिकाड़णार एकुच गोवाल हे।
12 एय मारा सोरा, न्यान सावाय दिहरी हिकवोणीन बाराम चेकचिल्यो रिज्ये, जुलूम पुस्तेक लेखणेन काम निवरेत नाह; एने पुस्तेकाह जादा वाचणे बी सेरीराह लेवाड़ दिथे।
13 जो काय तुमू होमल्या, ती सेवली वात ज्यी हे काय तुमू बोगवानाह बिवो एने तान उकुमान पालेन किरो; काहाकाय माणहान आखो काम ज्योस हे। 14 बोगवान माणहान एकेक कामाह, एने तान सोब लिकायेल वातुन, केदी त्यु हाज्यु एती नाहते बाकत्यु; नियावान दिह देखाड़ी।