18 होमलो, जी हाजी वात हे! माणुह खाय पिय एने तान मेहनेत से जो तो देरती पोर किरेह, तान आखी जीवाय बोर जो बोगवान ताह आपेल हे, हुकेह मिले; काहाकाय तान ईसो ज्योस हे।
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18 होमलो, जी हाजी वात हे! माणुह खाय पिय एने तान मेहनेत से जो तो देरती पोर किरेह, तान आखी जीवाय बोर जो बोगवान ताह आपेल हे, हुकेह मिले; काहाकाय तान ईसो ज्योस हे।