16 आपापोअ देवोअ मेर केतीही तों आपू ओलख्योहो, आन तियी मेरेपोअ आपाआ भरिवसू होय.
देव मेर होय, आन जों मेरेम जिवेहे तों देवोअरी रोहे आन देव तियाअरी रोहे. 17 यावाअहीं आपामेहें मेर पुरी ओवीही, तों याअ काजे के न्यायनिवाड़ु ठरवीइलोअ दिही आपाम हिम्मत रोअहूं जोवे; काहाके जेहेंकोइत ख्रिस्त होय तेहेंज कोइत आपू बी यी दुन्याम होय. 18 मेरेम बिक नाहां रोती; हारीपुरी मेर बिकुज काडीत टाकेहे; काहाके बिक रोयी ताहां डोंड जोड़ेज ओ विसार रोहे, आन बिकऱ्यो माहुंउं मेरेम पाक्को नाहां ओवो.