3 सांबालित रोवा! जर तुमाआं पाही गुनू कोए, ताहां तुमू तियाहा हेकड़ा, आन जर तो मोन फिरावे, ताहां तियाहा माफ कोआ. 4 जर तो एका दिहोम हांत वारी तियाआ पायहोअ विरुद्दाम गुनू कोए, आन हांतू वारी ताआ जागे आवित कोय के ‘आंय ओमें रोत एहें ने कोओ,’ ताहां तियाहा तु माफ कोअहूं जोवे."