32 एक यदध स बहतर वह ह, ज वलब स करध करत ह; जसन एक नगर क अधन कर लय ह, उसस भ उततम ह जसन अपन अतरतम पर नयतरण कर लय ह!
32 एक यदध स बहतर वह ह, ज वलब स करध करत ह; जसन एक नगर क अधन कर लय ह, उसस भ उततम ह जसन अपन अतरतम पर नयतरण कर लय ह!