4 मुंह करनी बिधाता सेटा अरज़, तेऊ बच़ाऊअ हुंह मेरै दुशमणा का, हे बिधाता, तेरी लोल़ी सदा ज़ै-ज़ैकार हुई।
4 मुंह करनी बिधाता सेटा अरज़, तेऊ बच़ाऊअ हुंह मेरै दुशमणा का, हे बिधाता, तेरी लोल़ी सदा ज़ै-ज़ैकार हुई।