खारकै लै सलाह
9 खारकै मणछो, आपणीं ज़ुआनी दी रहा नंद। खारकी अमरा रहा राज्ज़ी-मौज़ी, तेथ करा ज़िहअ थारअ दिल च़ाहा तिहअ। ज़िहअ-ज़िहअ भाल़ी तम्हां मज़अ एछा तम्हैं करा तेथ राज़। पर ऐहा गल्ला डाहै आद कि तम्हैं ज़िहअ बी करे, तेते साबै करनअ बिधाता थारअ नसाफ।