1 ज़ुंणी परमेशरै तम्हैं बणाऐं दै आसा, सह डाहणअ खारकी अमरा आद, तेखअ सका आजू भर्टू करै आफ़ता पल़ी अर तेभै बोल़णअ तम्हां इहअ, "मुंह निस्सअ आपणीं ज़िन्दगी मज़अ ई एछी।" 2 बुढल़दा शुझणैं तम्हां का सुरज़, ज़ोथ अर तारै बी धुंमधुंमै अर सरगै रहणैं घणैं काल़ै बादल़ घोर्हुई! 3 तेखअ ज़ुंण हाथ थारी फाज़त करा तै, तेथ लागणअ ठहरअ, ज़ुंण ज़ांघा एभै थारी किंडी आसा, तिंयां हणीं बाख नधी ज़ेही। दांदे माल़ा रहणीं थोल़ी अर भास्सू करै निं रोटी च़ाल्ली च़ाभुई अर आछी का निं राम्बल़ै करै शुझुई च़ाल्लअ। 4 थारै कान हणैं इहै टौणैं कि खोल़ै का ज़ोरै-ज़ोरै हाक्का बी निं च़ाल्ली शुण्हुंई, तम्हां का निं थरेटा दी नाज़ा पिशणें छ़ेल़ बी च़ाल्ली शुण्हुंई। एभै जाआ तम्हैं च़ेल्ली बाशणें छ़ेल़ शूणीं दोत्ती उझ़ुई पर तेभै निं तम्हां का गिहा लाणैं आल़ीए छ़ेल़ बी च़ाल्ली शुण्हुंई। 5 उछ़टी ज़ैगा लागणअ तम्हां बैअ अर बाता हांढदी लागणीं डअर। मूंड हणअ पल़ू करै शेती ज़िहै बदामे फूल फूला। तम्हां लागणअ नपदै किल़ै ज़िहअ घुशुई करै आजू सिक्कणअ अर गुआंकल़ीओ फल़ खाई बी निं थारै बेटल़ी संघै सुत्तणेओ दिल करनअ। तेखअ डेऊणैं खिरी हाम्हैं सोभै मणछ आपणैं तेऊ घअरा लै ज़ुंण म्हारअ सदा लै हणअ। पिछ़ू हणीं लेरा-पकारा अर शोग करनै आल़ै करै पांड भरी।
6 तेभै हणैं च़ंदीए कंठीए दूई ठोर अर सुन्नें बाटी फुटणीं धरनीं पल़ी, कुहै दी लाअ द राश्शअ बी चुटणअ अर पाणींओ घल़अ बी फुटणअ। 7 म्हारी देही डेऊणीं माट्टै जैंदरा लै बापस फिरी अर ज़िन्दगी दैणैं आल़अ शाह डेऊणअ तेऊ बिधाता सेटा लै बापस ज़ुंणी सह दैनअ द आसा।
8 सैणअ बोला इहअ, "ईंयां आसा सोभै गल्ला बृथा।"
9 हुंह सैणअ गूरू थिअ अक्ली आल़अ, ज़ेतो ज्ञैन मुखा थिअ, तेता रहअ हुंह परज़ा का खोज़दअ लागी। मंऐं आसा राम्बल़ै करै ज़ाच़-भाल़ करी सैणीं गल्ले परख करी तिंयां झाल़ी डाही दी। 10 तेखअ किई मंऐं कोशिश कि इना गल्ला राम्बल़ै करै अर दिला लोभणैं आल़ै बैण लोल़ी मानदारी संघै लिखूं। 11 अक्लीए बैण हअ तिछी बर्छ़ी ज़िहै ज़ेता करै हल़ी बल्दा लै चोभ दैई आजू नढैऊआ। सोभै सैणीं गल्ला हआ भेडा छ़ेल़्हणें कुंगल़ी शोठी ज़ेही। ईंयां आसा तेऊ बिधाता दैनी दी ज़ुंण हाम्हां सोभिओ फुआल आसा।
12 मेरै लान्हैंओ, हुंह दैआ तम्हां लै एही सलाह कि तम्हैं डाहै हेरे धैन, कताबा निं लिखी-लिखी मुक्कदी अर खास्सअ पहल़ी करै बी छ़ुटा थकी करै छ़ाड़।
13 ज़ुंण बी मंऐं तम्हां लै खोज़अ, तेतो नचोल़ आसा एचल़ी कि तम्हैं रहणअ बिधाते डरा हेठै अर तेऊओ शुणनअ ज़िहअ बोलअ तिहअ हुकम, किल्हैकि हाम्हैं मणछ आसा तेऊ एते ई तैणीं बणाऐं दै अर अह आसा म्हारअ फर्ज़। 14 ज़ुंण बी हाम्हैं किअ तेतो करनअ खिरी बिधाता नसाफ, च़ाऐ भलअ होए या बूरअ, च़ाऐ सह हाम्हैं किज़ै च़ुप्प-च़ुप्पै बी होए किअ द।