9-15 "पबित्र खिम्भा फेर बणाऐं ताटी, सह लोल़ी उतर अर दखण दिशा बाखा शौ-शौ हाथ लाम्मी अर पुर्बा अर पछ़मा बाखा लोल़ी पबित्र खिम्भा आजू-पिछ़ू पज़ाह-पज़ाह हाथ लाम्मी हुई। संघा लाऐ उतर अर दखण दिशा दी पबित्र खिम्भे ताटीए डोरै बिह-बिह कांस्से खुर्शी प्रैंदै बिह-बिह थाम्ह। खिम्भा पिछ़ू पछ़मा बाखा लाऐ कांस्से खुर्शी प्रैंदै दस थाम्ह। तेखअ लाऐ चिई बाखा च़ंदीए कणिच़ू अर आगल़ी करै ज़ोल़ी बाछे पल्दै, खिम्भे दैहणीं-बाऊंईं शौ-शौ हाथ अर पिछ़ू बाखा पज़ाह हाथ लाम्मै।
"पुर्बा दिशा दी, पबित्र खिम्भे मोहरै बाखा लाऐ ताटी भितरी एछणें बाता कांस्से खुर्शी प्रैंदै चअन थाम्ह एकी बाखा अर चअन दुजी बाखा संघा लाऐ तेथ दोहरी बाखा पंद्रा-पंद्रा हाथ बिरलै पल्दै।
16 "ताटीए प्रऊल़ी दी लाऐ च़ार थाम्ह। तेखअ लाऐ तेथ निली, बैंज़णीं अर लाला रांगे ऊने झिकल़ै करै बूणै दै बिह हाथ लाम्मै बाछे पल्दै।
17,18 "ताटी फेर बिणगा दी लाऐ दै पल्दै लोल़ी पांज़ हाथ उछ़टै हुऐ। कांस्से थाम्हा दी लोल़ी तिंयां बाछे पल्दै च़ंदीए कणिच़ू अर च़ंदीए ई आगल़ी दी हुऐ लाऐ दै।