मुंह मणछे पूतो भिई एछणअ
25 "सुरज़, ज़ोथ अर तारै दी शुझणैं नछ़ैण, अर पृथूई दी हणअ देशा-देशे हर ज़ातीए लोगा लै सांगट। किल्हैकि तिन्नां लागणीं समुंदरे बडै शणकारा डरै ओर्ही-पोर्ही ठुर्हा अर छ़ाल्लीए क्रुंगा करै पल़णअ हैल़अ। 21:25 भज. 46:2,3; 65:7; ईशा. 13:10; 24:19; एज. 32:7; जोए. 2:30
26 "तेखअ डेऊणैं संसारै आजू हणैं आल़ी गल्ला न्हैल़दी, भाल़दी-भाल़दी डरै मारै लोगे शाह-प्राण किल्हैकि सरगे सारी शगती बी सिक्कणी आजू-पिछ़ू। 21:26 लेब. 26:36; हगा. 2:6,21