मछैंऐं दै हाथो मणछ किअ नरोगअ
6 इहअ हुअ कि एकी दुजी बशैघे धैल़ी लागअ सभागृहा ईशू शिक्षा दैंदअ अर तिधी त एक मणछ इहअ कि तेऊओ त दैहणअ हाथ मछैंअ द। 7 शास्त्री अर फरीसी तै ईशू लै दोशा लाणें ताका रहै दै अर तिंयां लागै भाल़ै कि हेरा हैनूं अह एऊ बशैघे धैल़ी नरोगै करा कि नांईं।
8 पर ईशू हेरा त तिन्नें बच़ार ज़ाणीं अर ईशू तेऊ मछैंऐं दै हाथे मणछा लै बोलअ, "उझ़ू, इधी खल़्हू सोभी नदरी।" सह हुअ सोभी नदरी खल़अ। 9 तेखअ पुछ़अ ईशू तिन्नां का, "मुखा खोज़ा तम्हैं सोभ ऐहा गल्ला कि बधाना दी किज़ै आसा लिखअ द? बशैघे धैल़ी ठीक कै आसा? भलअ करनअ कि बूरअ? प्राण बच़ाऊंणै कि मारनअ?" 10 ईशू भाल़अ फेर, तेखअ बोलअ तेऊ मछैंऐं दै हाथे मणछा लै, "आपणअ हाथ कर आजू।" तेऊ मणछै बी किअ हाथ आजू अर तेऊओ हाथ हुअ नरोगअ।