खारकै मणछा लै सलाह
1 लान्हैंओ, मेरी शिक्षा निं बिस्सरी,
ज़िहअ हुंह तम्हां लै बोला तेता डाहै आद,
2 तेता करै हणीं थारी अमर खास्सी,
अर सुखी ज़िन्दगी।
3 तम्हैं लोल़ी सदा झणैल़ू अर शुचै-पाक्कै रहै,
तेता डाहै आप्पू का गल़े कंठी ज़ेही,
अर तेता डाहै आपणैं दिलै लिखी।
4 ज़ै तम्हैं इहअ ई करे,
तै हणअ बिधाता बी खुश अर होर मणछ बी हणैं खुश।
5 तम्हैं डाहै दिला का बिधाता दी भरोस्सअ,
आपणीं समझ़े भरोस्सै निं रही।
6 हर गल्ला लै लणअ बिधाता पुछ़ी,
तै हेरनी तेऊ तम्हां का आज़री बात खोज़ी।
7 आप्पू लै निं तम्हैं इहअ समझ़ी कि तम्हैं आसा खास्सै अक्ली आल़ै,
तम्हैं रहै सिधै बिधाते डरा हेठै अर बूरअ करनै का रहै दूर।
8 ज़ै तम्हैं इहअ करे, सह हणअ तम्हां लै मल्हमा ज़िहअ
तेता करै रहणीं थारी देही अर हाड-मास्स नरोगै।