3 तम्हैं लोल़ी सदा झणैल़ू अर शुचै-पाक्कै रहै, तेता डाहै आप्पू का गल़े कंठी ज़ेही, अर तेता डाहै आपणैं दिलै लिखी।
3 तम्हैं लोल़ी सदा झणैल़ू अर शुचै-पाक्कै रहै, तेता डाहै आप्पू का गल़े कंठी ज़ेही, अर तेता डाहै आपणैं दिलै लिखी।