1 ए भाय-बेन्या जत्यार मे भगवान नी ह़तायली वात ने ह़मळावतो जाय्न, तमारीन्तां आयो ता आहयु बोलीन अने माणहु नी अक्कल भराय वात देखाड़ीन नी आयो। 2 काहाके मे ह़ाचलीन आहयु ठान लेदलो के मे तमारीन्तां रीन ईसु मसी नी अने तीने कुरुस पोर चड़ावीन खुटा ठोकवा ना बारा मे एतरोत अने आहयी वात ने सोड़ीन कानी वात नी जाणु। 3 एतरे मे घण नीरहा मन सी अने बीहीन घबरायतो जाय्न तमारीन्तां आयो। 4 मारा बोलु अने भगवान नी वात ना परच्यार मे मनवे एवी वात नी हती, पण तीमनी मे भगवान नी आत्मा नी सक्ती नी सेलाणी हती। 5 आनीन करीन के तमारो भरहो माणहु नी अक्कल पोर नी, पण भगवान नी सक्ती पोर टेकलो रेवा जोवे।
6 जे बी आत्मा मे ह़मजदार से, तीमने आमु अक्कल नी वात ह़मळावया: पण आहयी कळी नी वात अने आहयी कळी मे राज करन्या मुख्या माणहु नी वात नी हय, काहाके आहया ते खत्तम हय जवा वाळा से। 7 पण आमु ते भगवान नी ह़तायली अक्कल अने जे हंजु लग उजन्ती नी हयी, तीने उजन्ती करया, भगवान आहयी अक्कल ने आपणी बड़ाय करवा करीन आहयी कळी नी बणीन पेले गेथोत मेल र्यो हतो। 8 आहयी कळी ना राज करन्या मेना कोय बी आहयी अक्कल ने नी जाण्या, कदीम तीहया जाण लेता ता ह़ेक भर्या मालीक ने लाकड़ान बणला कुरुस पोर चड़ावीन खीळे करीन नी ठोकता। 9 पण जीसम लीखलु से:
"जे चीज डोळा नी देख्या, अने कान्टा नी ह़मळ्या,
अने जे वात माणहु ना वीच्यार मे नी आवी,
एवी वात ने मालीक भगवान तीहया मोंग करन्या जुगु तीयार करलो से।"
10 पण भगवान आह़फा नी आत्मा नी लारे आहयी वात ने अमारी पोर उजन्ती करलो से, काहाके भगवान नी आत्मा आखी वात ने ह़ोदीन काड देय। आञे लग के भगवान नी ह़तायली वात ने बी उजन्ती करे। 11 ईसम कोय माणेह हहे, तीहयो बीजा माणहु ना मन नी वात जाण लेतो हय? पण तीहया माणहु नी आत्मा एतरीत तीहया माणेह ना बारा मे जाणे जे तीनी मे से। आहयी रीते भगवान ना वीच्यार बी भगवान नी आत्मा एतरीत जाणे। 12 पण आमु ने आहयी कळी नी आत्मा नी आपलो हय, पण तीहयो चोखली आत्मा आपलो से। जे भगवान भणी गेथी से। आहयी चोखली आत्मा सी आपणु तीहयी वात ने जाण सकया, जे भगवान आपणु ने आपलो से।
13 आहयी वात ने आमु माणहु नी अक्कल ना अनसारे नी, पण भगवान नी आत्मा नी लारे ह़ीकाड़ली वात नी अनसारे आत्मा नी वात ने आत्मा नी वात ह़ाते ह़मळावया। 14 डील नी अनसारे जीव्वा वाळु माणेह भगवान नी आत्मा नी वात ने मानीन नी जीवे, काहाके आहयी वात तीने पुरी गंडाय मालम पड़े। अने आहयी वात तीने ह़मज मे नी आवे, काहाके आहयी वात आत्मा नी अनसारे परखाये। 15 आत्मा नी अनसारे जीव्वा वाळो माणेह आखी वात ने पारखीन जाणे, पण तीहयो आह़फो बीजा नी लारे नी परखाये। 16 जीसम चोखली सास्तर मे लीखलु से,
मालीक ने ह़ीकाड़वा करीन, मालीक नु मन जाण लेदो?
पण अमारी पांह मालीक मसी नु मन से।