1 ए भाय-बेन्या मारी आहयी मरजी से, के तमु आपणा डाहा-डाहा ना बारा मे अंजाण्या ना बणो जे वादळा ना साहळे-साहळे चाल्या, अने आखा रात्ली दर्या ने वणकी ज्या। 2 अने ईसम करीन तीहया वादळा ना साहळा मे अने दर्या मे बपतीस्मा लीन मुसा ना केवा मे चालवा वाळा बण ज्या। 3 अने आखा एकीत आत्मा नु खाणु खादा। 4 अने तीहया आखा आत्मा नु पाणी पीदा; काहाके तीहया तीमनी ह़ाते चालवा वाळी आत्मा ना ढाट मे गेथा पीता हता। अने तीहयी ढाट मसी हतो। 5 पण तीमनी माय्न ढेरेत माणहु पोर भगवान खुस नी हतो, एतरे तीहया उजाड़ी जागा मे मरीन खत्तम हय ज्या।
6 आहया आखा माणहु खराब चीज नी हाय कर्या, तेमेत आपणु ने हाय नी करवा जोवे, अने आहयी वात आपणी जुगु ह़ीकापण नो दाखलो बण ज्यो। 7 तमु मुर्ती पुजण्या ना बणो, जीसम माणहु मे ढेरेत जणा बण ज्या। जीसम खरला सास्तर मे लीखलु बी से, "माणहु खावा-पीवा बह्या अने एक-बीजा ह़ाते गलत काम करवा बाज ज्या।" 8 एतरे आपणु ने छीनाळु नी करवा हय; जीसम तीहया माणहु मे ढेरेत जणा छीनाळु कर्या: अने एकीत दाड़े तेवीस हजार माणहु मर ज्या। 9 एतरे आपणु ने मालीक ने नी पारखवा जोवे, जीसम ढेरेत जणा भगवान ने पारख्या। अने तीमने गड़हा चाय देदा, अने तीहया माणहु मरीन खत्तम हय ज्या। 10 तमने जलम कुर-कुर नी करवा जोवे। तीमनी माय्न थोड़ाक कुर-कुर कर्या, अने मारवा वाळो दुत आवीन तीमने मार नाख्यो।
11 अने तीमनी पोर वीतली आहयी वात आपणी जुगु ह़ीकापण नो दाखलो बण ज्यो। अने आपणु ने चेतीन रीन जीव्वा नी ह़ीकापण आपणी जुगु लीखाय जी। आपणु ते आहयी कळी ना आखरी दाड़ा मे जीव र्या।
12 जे ईसम वीच्यार करे के मे भरहा मे पक्को से, तीहयो चेतीन रेवा जोवे, नीता तीहयो कंखर माय्न भरहा गेथो सेटो हय जहे। 13 तमु आसवी पारख मे नी पड़्या, जीने माणहु वेठ नी सके: भगवान भरहो करे एवो से: तीहयो तमने वेठाये नी एवी पारख मे नी पड़वा देय। अने कदीम तमु वेठाये एवी पारख मे पड़ी बी जावो, ते बी तीहयो तमने तीहयी पारख मे गेथो नीकाळ लेहे। आनीन करते के तमु तीहयी पारख ने जीक सको।
14 आनीन करते ए मोंगाळ्ळा दोस्तीदार्या, मुर्ती पुजा सी बचीन रेवो। 15 मे तमने अक्कल वाळा ह़मजीन की र्यो, जे मे की र्यो तीहयी वात ने पारखो। 16 बरकत नो पीयालो, आपणु ने ईसु मसी ना लोय नो साजल्यो नी बणावे ह़ु? तीनी जुगु आपणु भगवान ने तु घणो वारु से कीया। जे रोट्लो आपणु तोड़या, तीहयो रोट्लो ईसु मसी ना डील नो साजल्यो नी बणावे ह़ु? तीनी जुगु आपणु भगवान ने तु घणो वारु से कीया। 17 रोट्लो ते एकीत से; एतरे आपणु बी अलग हय्न बी एकीत डील से; काहाके आपणु आखा एकीत रोट्ला मे साजल्या हय्न तीनी मे गेथा खाया।
18 तीहया ईस्रायली माणहु ना बारा मे वीच्यार करो, तीहया भगवान नी वेदी पोर जानवर ने मारीन बादा चड़ावे अने तीहयु माह खाय। तीहया भगवान नी वेदी पोर चड़ावलु माह खावा वाळा, भगवान नी वेदी ना साजल्या नी बण्या ह़ु? 19 भगवान नी वेदी नो दाखलो देखाड़ीन मे आहयु नी केतो के वेदीन तेवी मुर्ती कामकी से, अने मुर्ती पोर चड़ावलु चीज कामकु से। 20 पण मे आहयु केवा हींड र्यो के भगवान ने नी जाणवा वाळा माणहु जे बी चीज चड़ावे तीहयु भगवान ने नी चड़ावे पण भुत ने चड़ावे। एतरे भुत ने चड़ावलु खाणु खाय्न तीमनी ह़ाते भुत ना साजल्या ना बणो। 21 मालीक भगवान ना पीयाला मे गेथु, अने भुत ना पीयाला मे गेथु पीवा वारु नी हय। मालीक भगवान नी पंगात मे गेथु, अने भुत नी पंगात मे गेथु खाणु खावा वारु नी हय। 22 आपणु मालीक ने रीहवाड़वा हींड र्या ह़ु? आपणु मालीक गेथा जादा ताखत वाळा से ह़ु?
23 थोड़ाक माणहु केय के "आखी चीज वापरवा मारी जुगु ताले ते से" पण मारी जुगु नफा नी, नी हय, "आखी चीज मारी जुगु ताले ते से" पण आखी चीज सी भरहो पक्को नी हये। 24 खुद नी भलाय ने ना ह़ोदो, पण बीजा नी भलाय ने ह़ोदो।
25 जे बी माह खाटकड़ान तां वेचाये तीहयु खावो, अने मन नी अक्कल नी लेदे कंय बी ना पुछो। 26 काहाके चोखली सास्तर केय: "आहयी धरती अने जे कंय आहयी धरती पोर से, तीहयु आखु मालीक भगवान नु से।"
27 कदीम काना ईसु पोर भरहो नी करे, तीहया तमने बोलावे ता तीमनीन्तां जावो अने मन नी अक्कल नी लेदे कंय ना पुछो, अने पुछ्या वगर जे बी खवाड़े तीहयु खाय लेवो। 28 पण कदीम तमने खवाड़वा वाळो ईसम केय के "आहयु मुरत्या पोर चड़ावलु से" ता तीहयो की र्यो करीन तीनी जुगु अने मन नी अक्कल नी लेदे तीहयु खाणु ने ना खावो। 29 मारु केवा नु मतलब तारा मन नी लेदे नी पण केवा वाळा ना मन नी लेदे से। मारी खावा नी छुट बीजा ना मन नी लारे परखाय्वा वारु नी हय। 30 कदीम मे खाणु नी करते भगवान ने घणो वारु से केम अने खाणु खावा बह जाम ता मारो वाक काडवा वारु नी हय।
31 एतरे भले तमु खावो, भले तमु पीवो अने भले कंय बी करो, पण तीहयी वात मे भगवान ने बड़ाय जड़वा जोवे। 32 तमु युहदी जाती ना माणहु जुगु बी, अने आड़जात्या माणहु जुगु बी नी, अने भगवान नी मंडळी जुगु बी पाप नो कारण ना बणो। 33 जीसम मे आखी वात मे आखा ने खुस करु, अने आह़फा नु भलु नी ह़ोदु, पण बीजा नु भलु ह़ोदु, आनीन करते के तीमनो छुटकारो हय जाय।