1 आमु भगवान नी ह़ाते काम करन्या से करीन आमु तमने रावण्या करीन कीया, के भगवान नी आहयी दया तमारी पोर हयली से तीहयी दया ने रीकामी ना हयवा देवो। 2 काहाके भगवान केय,
"जे टेमे वीन्ती ह़मळवा जोवे तीहयीत टेमे वीन्ती ह़मळी लेदो,
अने छुटकारा ना दाड़ेते मदत करवा आयो।"
अने ह़मळो, भगवान नी वगे गेथो छुटकारो जड़वा नो दाड़ो आजेत से।
3 आमु कानी बी वात मे ठोकर खावा नो कंय मोखो नी आपया जीनी सी अमारी सेवा ना काम पोर आच आवे। 4 पण आखी वात मे भगवान ना चाकर्यान तेम आह़फा ना वारला गुण ने उजन्ता करया, अने आखी भाती ना दुख, वेला अने आफत ने घण-जबर गम खाय्न वेठया। 5 आमने ह़ड़का देय ते बी, आमने जेल मे कुंड देय ते बी, अमारी भणी जोर करीन आवे ते बी, काठु काम करे ते बी, जागला रीया ते बी, अने उपाह़ पाळया। 6 चोखला रीन, अक्कल देखाड़ीन, गम खाय्न, बीजा पोर दया करता जाय्न, चोखली आत्मा नी, ताखत सी खरलो मोंग देखाड़या। 7 सच्चाय ना बोलु मे, भगवान नी ताखत सी; अने धरम नो हत्यार जमणा अने डाखर्या हात मे लीन, 8 अमारी ईज्जत करे, नी करे ते बी, अमारु नामबद्दी करे ते बी, अने आमु नामह़ाद्या हवया ते बी, भले आमु बीजा ने ठगण्यान तेवा लागया पण ते बी सच्चाय सी बोलया। 9 आमु अंजाण्यान तेवा से; ते बी जे आमने ह़मजे तीमनी अगळ आमु नामह़ाद्या से; आमु मार खाया, पण मर्या नी; आमु बीजा माणहु नी लारे डंड भुक्ती र्या पण ते बी आमु नी मरता। 10 अमारी कळ-कळीन नी वीत री; पण आमु जलम खुस रीया, गरीब ने तेवा से; पण ढेरेत माणहु ने ईसु मे मालदार बणाय दीया; अमारु से एम करीन केवा जुगु अमारी पांह कंय नी हय ते बी जे जोवे तीहयु आखु अमारी पांह से।
11 ए कुरन्थी वाळा, आमु अमारा मन नी वात ह़ोदी-ह़ोदीन की देदला से, आमु तमने घण-जबर मोंग करया। 12 आमु मोंग करवा नी छोड़्या पण तमुत आह़फा तमारा मन मे आमने मोंग करवा वचकी र्या। 13 पण आमु अमारा सोरा ह़मजीन तमने कीया, के तमु बी अमारीन तेम तमारु मन उगाड़ीन आमने मोंग करो।
14 जे ईसु पोर भरहो नी करे तीमनी ह़ाते ना भेसकायो, काहाके धरम अने अधरम, वीजाळु अने अंदारलु मेळ खाय ह़ु? 15 ईसु मसी भुतड़ा ह़ाते दोस्ती करे ह़ु? ईसु पोर भरहो नी करन्या अने ईसु पोर भरहो करन्या साजल्या बणे ह़ु? 16 वण-जीव्या मुरत्या ह़ाते जीवत्ला भगवान ना मंदीर नु ह़ु लेणु-देणु से? काहाके आपणु ते जीवत्ला भगवान ना मंदीर से; जेम भगवान केदलो बी से के,
"मे तीमनी मे रेही अने तीमनी मे रीन हींड्या-फीर्या करही;
अने मे तीमनो भगवान केवायही, अने तीहया मारा माणहु केवायहे।"
17 एतरे मालीक केय, के
"तीमनी वच मे गेथा नीकळो अने अलग हय जावो;
अने वीटळ्ळी चीज ने ना छीमो, ता मे तमने आवरी लेही;
18 अने मे तमारो बाह बणही,
अने तमु मारा सोरा-सोरी बणहु:
आखा मे जोरभर्यो मालीक भगवान आहयुत केय।"