16 आखी खरली सास्तर भगवान नी अगवाय सीत लीखली से, अने आहयी खरली सास्तर माणहु ने ह़ीकाड़वा, ह़ुदारवा, अने धरम नी ह़ीकापण जुगु फायदा वाळी से। 17 काहाके भगवान नी सेवा करन्यो माणेह पुरी रीती सी नामह़ाद्यो बणे, अने आखा भला काम करवा करीन तीयार हय जाय।
Publicidade