गम धीरज नो बोलावो
1 जां तक आमु गवाय ना एतरा मोटा वादळा सी घेरवाय र्या ता अळतेण आवो रोकावट नाखवा वाळी आखी चीज ने अने तीहया पाप ने आमने भुले पाड़ देय तीने नाख दे, अने तीहयी दवड़ ने जे आमने दवड़वा नी से तीने धीरज सी दवड़े।
1 जां तक आमु गवाय ना एतरा मोटा वादळा सी घेरवाय र्या ता अळतेण आवो रोकावट नाखवा वाळी आखी चीज ने अने तीहया पाप ने आमने भुले पाड़ देय तीने नाख दे, अने तीहयी दवड़ ने जे आमने दवड़वा नी से तीने धीरज सी दवड़े।