14 आखा ह़ाते सांती सी रेवो, अने तीहया चोखलापण ना ह़ोदवाळ्या बणो जीनी वगर कोय मालीक ईसु ने कदी नी देख सके। 15 अने धीयान सी देखता रेवो, आसम नी हये, के कोय भगवान नी दया सी सुटीन री जाय, नीता कोय कड़वली जेड़ फुटीन दुख आपे, अने तीनी लारे घणात माणहु बगड़्ला हय जाय।